चंदौली-बबुरी मार्ग पर 4.44 करोड़ से बन रहा 200 मीटर लंबा पड़या पुल, जलजमाव और आवागमन समस्या से मिलेगी राहत
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : चंदौली जनपद में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। चंदौली-बबुरी मार्ग पर स्थित पड़या पुल का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की देखरेख में युद्धस्तर पर जारी है। करीब 4.44 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस पुल की लंबाई लगभग 200 मीटर निर्धारित की गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मवइया, दुडे और चौरमवां सहित कई गांवों के लोगों को लंबे समय से चली आ रही जलजमाव और आवागमन की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
बरसात में जलभराव से जूझते थे ग्रामीण
चंदौली-पीडीडीयू नगर मार्ग पर स्थित मवइया, दुडे और चौरमवां क्षेत्र हर वर्ष बरसात के मौसम में गंभीर जलभराव की समस्या से प्रभावित होते रहे हैं। सड़क पर पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। ऐसे में ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की भारी हानि होती थी।
कई बार स्थिति इतनी विकट हो जाती थी कि गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क तक टूट जाता था। इसका असर न केवल आम नागरिकों पर बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता था।
तीन ब्लॉकों को जोड़ेगा पुल, बढ़ेगी कनेक्टिविटी
यह पुल चंदौली सदर, चकिया और नौगढ़ जैसे तीन प्रमुख ब्लॉकों को सीधे जिला मुख्यालय से जोड़ने का कार्य करेगा। ऐसे में यह परियोजना केवल ग्रामीण आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक और व्यापारिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुल के निर्माण के बाद क्षेत्र में यातायात सुगम होगा, जिससे स्थानीय बाजारों और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी तेज और प्रभावी हो सकेगी।
पूर्व जिला अध्यक्ष की पहल से मिली परियोजना को गति
इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति दिलाने में पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप की भूमिका को स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष लगातार उठाया और इसकी आवश्यकता को प्रमुखता से रखा।
उनकी निरंतर पैरवी और प्रयासों के चलते वर्षों से लंबित यह पुल निर्माण कार्य अब धरातल पर उतर चुका है, जिससे क्षेत्र के लोगों में संतोष और उत्साह दोनों देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों में उत्साह, ‘लाइफलाइन’ बनेगा पुल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल उनके लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं होगा। खासकर बबुरी से चंदौली मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को बारिश के मौसम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बाढ़ के कारण जहां हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती थी, वहीं लोगों का संपर्क भी जिला मुख्यालय से कट जाता था।
पुल के बन जाने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।
सरकार की प्राथमिकता में परियोजना, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता में रखते हुए त्वरित गति से धनराशि उपलब्ध कराई है। इसके चलते निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है ताकि आगामी बरसात में लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी तकनीकी मानकों का पालन करते हुए पुल का निर्माण किया जा रहा है, ताकि यह लंबे समय तक क्षेत्र के लोगों के लिए सुरक्षित और उपयोगी साबित हो सके।
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