वाराणसी: मानसून से पहले वाराणसी में बड़ी तैयारी, जलजमाव पर सख्त एक्शन, सड़कों से मलबा हटाने और गड्ढा मुक्त अभियान का अल्टीमेटम
वाराणसी: मानसून की पहली बारिश से पहले ही वाराणसी प्रशासन ने शहर को जलजमाव, गंदगी और अव्यवस्थित निर्माण कार्यों की समस्याओं से मुक्त करने के लिए कमर कस ली है। काशी की सड़कों पर बारिश के दौरान बनने वाले जलभराव और लोगों की परेशानियों को इस बार पहले ही रोकने की तैयारी शुरू हो चुकी है। शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने साफ शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर सफाई और विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सख्त दिखे मंत्री, नालों की सफाई पर विशेष जोर
बैठक के दौरान मंत्री का रुख बेहद स्पष्ट और सख्त दिखाई दिया। उन्होंने नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर के सभी छोटे और बड़े नालों की सफाई हर हाल में समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। केवल नालों की सफाई ही पर्याप्त नहीं होगी बल्कि उनसे निकाले गए सिल्ट, मिट्टी और मलबे का तत्काल उठान भी सुनिश्चित किया जाए ताकि वह दोबारा नालों में जाकर जलनिकासी व्यवस्था को प्रभावित न करे। मंत्री ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सफाई के बाद निकाला गया मलबा लंबे समय तक सड़क किनारे पड़ा रहता है जिससे न सिर्फ यातायात प्रभावित होता है बल्कि बारिश में वही सामग्री वापस नालों में पहुंचकर समस्या को और गंभीर बना देती है।
जलभराव मुक्त वाराणसी प्रशासन की प्राथमिकता
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बार शहरवासियों को जलभराव और गंदगी की पुरानी समस्याओं से राहत दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले मानसून में शहर की किसी भी प्रमुख सड़क, चौराहे या आवासीय क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति नहीं बननी चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को फील्ड में उतरकर कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया।
स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष तीन शहरों में जगह बनाने का लक्ष्य
बैठक में स्वच्छता को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया गया। नगर विकास मंत्री ने कहा कि वाराणसी को स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझा जाए बल्कि इसे शहर की पहचान और प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाए। उन्होंने कहा कि छोटी से छोटी जनसमस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाए और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर कार्य किया जाए ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
गड्ढा मुक्त अभियान और सड़क सुधार पर जोर
शहर की जर्जर और खराब सड़कों को लेकर भी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं वहां तत्काल पैचवर्क शुरू किया जाए और व्यापक स्तर पर गड्ढा मुक्त अभियान चलाया जाए। उनका कहना था कि बरसात शुरू होने से पहले सड़कें दुरुस्त न हुईं तो छोटी समस्या बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
निर्माण सामग्री और अवरोध हटाने के दिए निर्देश
इतना ही नहीं शहर के विभिन्न इलाकों में निर्माण कार्यों के दौरान सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से पड़े पत्थर, ईंट, रेत और अन्य निर्माण सामग्री को भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया। मंत्री ने कहा कि ऐसी सामग्री न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करती है बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ाती है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल ऐसे अवरोध हटाने के आदेश देते हुए कहा कि विकास कार्य जनता के लिए सुविधा का माध्यम बनने चाहिए परेशानी का नहीं।
समय सीमा में पूरी हों विकास परियोजनाएं
बैठक में यह भी दोहराया गया कि शहर में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। अधूरे कार्यों और धीमी प्रगति पर जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए और किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने दी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी
इस दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से शहर में चल रही परियोजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वाराणसी के 18 वार्डों में सीवर नेटवर्क सुधारने और शुद्ध पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है जिस पर जल्द कार्य शुरू होगा। इस परियोजना को आगामी दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार इस योजना के लागू होने के बाद हजारों लोगों को बेहतर जलनिकासी और पेयजल व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संगम लाल, अमित कुमार, विनोद गुप्ता, मुख्य अभियंता आरके सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह, एनएसए एसके चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मानसून के आगमन से पहले प्रशासन की यह सक्रियता साफ संकेत दे रही है कि इस बार वाराणसी को जलजमाव और अव्यवस्थित व्यवस्था की पुरानी परेशानियों से राहत दिलाने की तैयारी गंभीर स्तर पर की जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कागजों पर बने निर्देश जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से उतरते हैं क्योंकि काशी की जनता को इस बार केवल वादों से नहीं बल्कि परिणामों से उम्मीद है।
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