रामनगर जोनल कार्यालय में लापरवाही की हद खाली कुर्सियां गायब अधिकारी जनता परेशान
नगर निगम कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
वाराणसी: शहर के रामनगर स्थित नगर निगम जोनल कार्यालय की स्थिति इन दिनों बदहाल नजर आ रही है। कार्यालय का हाल ऐसा प्रतीत होता है मानो यहां कामकाज ठप पड़ गया हो। कुर्सियां खाली पड़ी हैं, टेबलों पर फाइलें धूल खा रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी अपने स्थानों से नदारद दिखाई देते हैं। दूर-दराज से अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आने वाले नागरिक घंटों इंतजार करने के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
लंबे समय से बनी हुई है अव्यवस्था
स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति किसी एक दिन की नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। जलभराव, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, तथा कर संबंधी समस्याओं को लेकर रोजाना बड़ी संख्या में लोग कार्यालय पहुंचते हैं। लेकिन उन्हें न तो कोई सुनने वाला मिलता है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहता है। कई बार पूरा कार्यालय लगभग खाली ही मिलता है जिससे लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिलती राहत
कार्यालय पहुंचे नागरिकों का कहना है कि वे सुबह से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन दोपहर तक भी कोई कर्मचारी नहीं पहुंचता। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कई कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहते हैं और उनके स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की जाती। इससे सरकारी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
बुजुर्ग और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी
इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रहा है, जो अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कई लोग बार-बार खाली हाथ लौटने के कारण हताश और परेशान नजर आते हैं। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत समस्याएं लंबित रह जाती हैं, बल्कि प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी कमजोर होता जा रहा है।
प्रशासनिक छवि पर पड़ रहा नकारात्मक असर
कार्यालय की इस स्थिति से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि जब सरकारी कार्यालयों में ही इस तरह की लापरवाही होगी तो आम जनता को राहत कैसे मिलेगी। यह स्थिति प्रशासनिक जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
जन आंदोलन की चेतावनी
कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि सरकारी कार्यालयों का उद्देश्य जनता की सेवा करना है और यदि यही व्यवस्था चरमराई रही तो विरोध तेज किया जाएगा।
अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजरें
स्थानीय नागरिकों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि रामनगर जोनल कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार लाया जा सके। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर लापरवाही को कितनी प्राथमिकता देता है और क्या आने वाले समय में स्थिति में कोई ठोस सुधार देखने को मिलता है या नहीं।
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