वाराणसी में संगठित देह व्यापार का पर्दाफाश सोना तालाब से दो नाबालिग लड़कियां मुक्त संचालिका और सहयोगी गिरफ्तार
सारनाथ क्षेत्र में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित सोना तालाब इलाके में पुलिस ने एक सुनियोजित देह व्यापार गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने एक मकान से दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल मुक्त कराया। इस दौरान गिरोह की संचालिका और उसके सहयोगी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की।
स्थानीय शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोना तालाब क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने कई बार एक मकान में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की थी। देर रात तक अजनबी लोगों का आना जाना और असामान्य माहौल ने स्थानीय लोगों के संदेह को बढ़ा दिया था। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गोपनीय निगरानी शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
छापेमारी में सामने आया पूरा नेटवर्क
जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। मौके पर पहुंची टीम ने मकान के अंदर दो नाबालिग लड़कियों को पाया जिन्हें तुरंत वहां से मुक्त कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। दोनों पीड़िताओं को सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है जहां उन्हें काउंसलिंग और आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जाएगी।
संचालिका और सहयोगी गिरफ्तार
एसीपी विदुष सक्सेना के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज और शहीदुन्निसा के रूप में हुई है। दोनों सारंग तालाब नक्खीघाट क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शहीदुन्निसा इस पूरे गिरोह का संचालन कर रही थी जबकि मनोज उसका सहयोग कर रहा था। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच पारिवारिक संबंध भी हैं और यह अवैध गतिविधि में संयुक्त रूप से शामिल थे।
डिजिटल माध्यम से चल रहा था कारोबार
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपियों द्वारा मोबाइल फोन और व्हाट्सएप के जरिए लड़कियों की तस्वीरें ग्राहकों तक भेजी जाती थीं और वहीं सौदे तय किए जाते थे। भुगतान के लिए क्यूआर कोड का उपयोग किया जा रहा था जिससे लेनदेन को छिपाया जा सके। एक ग्राहक से तीन हजार से पांच हजार रुपये तक वसूले जाते थे।
मौके से मिले महत्वपूर्ण साक्ष्य
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से नकदी मोबाइल फोन और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्य बरामद किए हैं। इन सामग्रियों को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस अब संभावित ग्राहकों और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पूछताछ में जुटी पुलिस
फिलहाल दोनों आरोपियों से सारनाथ थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नाबालिग लड़कियों को कहां से लाया गया और इस पूरे नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। साथ ही अन्य जिलों या राज्यों से संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
पीड़िताओं के पुनर्वास पर विशेष ध्यान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं नाबालिग पीड़िताओं की सुरक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
पुलिस की सक्रियता से बची दो जिंदगियां
यह कार्रवाई वाराणसी पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता का उदाहरण मानी जा रही है। इस अभियान ने न केवल एक संगठित अपराध का खुलासा किया बल्कि दो मासूम जिंदगियों को शोषण के चक्र से बाहर निकालने में भी सफलता हासिल की है।
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