पटना में सियासी हलचल तेज, नई सरकार गठन से पहले समीकरण बदलने के संकेत
पटना में नई सरकार के गठन से पहले राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की चर्चाओं के बीच सत्ता के समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। एनडीए के भीतर पदों के बंटवारे और नेतृत्व को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है।
निशांत कुमार के डिप्टी सीएम बनने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, जदयू की ओर से निशांत कुमार का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इसे जदयू की नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दे रही है।
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें
राजनीतिक गलियारों में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा भी तेज है। माना जा रहा है कि एनडीए के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सहमति बनती दिख रही है। जातीय और राजनीतिक संतुलन साधने के लिए जदयू और भाजपा के बीच तालमेल को प्राथमिकता दी जा रही है।
मंत्रिमंडल को लेकर मंथन जारी
मंत्रिमंडल गठन को लेकर अंदरखाने बैठकों का दौर जारी है। जदयू से विजेंद्र यादव, विजय कुमार चौधरी और श्रवण कुमार जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। इसके अलावा अशोक चौधरी, लेसी सिंह और मदन सहनी भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
जमा खां और सुनील जैसे नाम भी चर्चा में हैं। इस बार मंत्रिमंडल में अनुभव और सामाजिक समीकरणों का संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है।
14-15 अप्रैल अहम तारीखें
सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
जदयू विधायक दल की बैठक आज
एक अणे मार्ग पर जदयू विधायक दल की बैठक आयोजित होने वाली है, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में विधायक दल के नेता का चयन किया जा सकता है और निशांत कुमार की भूमिका पर भी चर्चा संभव है।
निष्कर्ष
बिहार की राजनीति इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं, जिनमें नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है।
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