बीएचयू में झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन
वाराणसी: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय के एमएमवी चौराहे से बीएचयू के मुख्य द्वार की ओर जुलूस निकाला और झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को निष्पक्ष तथा पारदर्शी बनाने की मांग उठाई। छात्रों ने कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार बार सामने आने वाली गड़बड़ियां और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं। छात्रों के अनुसार सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर अनियमितता होती है तो इसका सीधा असर अभ्यर्थियों की मेहनत और उनके भविष्य पर पड़ता है। छात्रों ने सरकार से मांग की कि भर्ती परीक्षाओं के आयोजन से लेकर परिणाम जारी होने तक पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
मुख्य गेट के पास पुलिस से हुई धक्का मुक्की
एबीवीपी कार्यकर्ता एमएमवी चौराहे से जुलूस लेकर बीएचयू के मुख्य गेट की ओर बढ़े। मुख्य गेट से पहले पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने रस्सी लगाकर रास्ता रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे और मुख्य गेट के मार्ग पर बैठ गए। इससे कुछ समय के लिए मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि वे युवाओं के अधिकार और उनके भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना था कि परीक्षा संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और आंदोलन के जरिए उठाई जा रही मांगों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इसी दौरान कुछ छात्रों ने परिसर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला दहन रोकने की कोशिश की। इसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
एबीवीपी नेता पुनीत मिश्रा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार बार सामने आने वाली गड़बड़ियां और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं युवाओं के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बनाने की मांग की।
पुनीत मिश्रा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी काली सूचीबद्ध कंपनी को परीक्षा कराने का ठेका दिया गया है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित अदालत के माध्यम से कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग भी रखी। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन हाल के दिनों में लगातार चर्चा में रहा है। इसी बीच झारखंड सरकार की ओर से 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने की घोषणा भी की गई है और सरकार ने अन्य परीक्षाओं की जांच की बात कही है
प्रश्नपत्र लीक और डिजिटल गड़बड़ियों पर रोक की मांग
छात्र नेता पल्लव ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक और डिजिटल गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को उत्तर पत्रक की कार्बन प्रति उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही उत्तर कुंजी जारी करने और न्यूनतम अंक निर्धारित करने की प्रक्रिया की समय सीमा पहले से तय किए जाने की मांग भी उन्होंने रखी।
झारखंड में जारी है परीक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार आंदोलन के बीच सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत भी हुई है लेकिन कई मांगों को लेकर छात्रों की ओर से असहमति जताई गई।
वाराणसी के बीएचयू परिसर में हुआ यह प्रदर्शन इसी व्यापक विवाद के विरोध में एबीवीपी की ओर से दर्ज कराया गया विरोध बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है ताकि अभ्यर्थियों को अपनी मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। छात्रों ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था की खामियों की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
परीक्षार्थियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए उच्चस्तरीय जांच, कथित अनियमितताओं में जिम्मेदारी तय करने, प्रश्नपत्र लीक और डिजिटल गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगाने, अभ्यर्थियों को उत्तर पत्रक की कार्बन प्रति उपलब्ध कराने, उत्तर कुंजी समय पर जारी करने तथा न्यूनतम अंक निर्धारित करने की समय सीमा पहले से तय करने की मांग रखी।
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