वाराणसी: कैंट स्टेशन पर कई ट्रेनें 14 घंटे तक देरी से पहुंचीं, यात्री हुए परेशान

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को मौसम में सुधार के बाद भी कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

Fri, 02 Jan 2026 11:12:28 - By : Palak Yadav

मौसम में सुधार होने के बावजूद गुरुवार को वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनें कई कई घंटे की देरी से पहुंचीं। दिनभर यात्रियों को प्लेटफार्म पर इंतजार करना पड़ा और ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण स्टेशन परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। सबसे अधिक विलंब इंदौर से वाराणसी आने वाली महाकाल एक्सप्रेस का रहा, जो निर्धारित समय से करीब 14 घंटे देर से स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन को दस घंटे पुनर्निर्धारित समय पर चलाया गया था, इसके बावजूद यह अपने तय समय पर नहीं पहुंच सकी।

देरी से पहुंचने वाली ट्रेनों की सूची काफी लंबी रही। नई दिल्ली से जयनगर जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस लगभग 10 घंटे विलंब से आई। नई दिल्ली से वाराणसी आने वाली सुपरफास्ट ट्रेन साढ़े सात घंटे देर से पहुंची। फरक्का एक्सप्रेस करीब सात घंटे और शिवगंगा एक्सप्रेस 6.40 घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची। लिच्छवी एक्सप्रेस भी 6.15 घंटे विलंब से आई, जिससे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ा।

इसके अलावा महामना एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से पहुंची। हापा से नाहरलगुन जाने वाली फेयर स्पेशल और दादर सेंट्रल से बलिया जाने वाली स्पेशल ट्रेन साढ़े छह घंटे देर से आईं। ग्वालियर से वाराणसी आने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस 6.20 घंटे और कोटा से पटना जाने वाली एक्सप्रेस सवा छह घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची। जम्मूतवी से वाराणसी आने वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस भी 5.20 घंटे लेट रही।

अन्य ट्रेनों में जोधपुर से वाराणसी सिटी आने वाली मरुधर एक्सप्रेस 4.40 घंटे, दिल्ली से वाराणसी सुपरफास्ट स्पेशल 4.30 घंटे और रक्सौल से आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से गुजरी। विशाखापत्तनम से बनारस एक्सप्रेस 3.40 घंटे, सूरत से थावे ताप्ती गंगा एक्सप्रेस तीन घंटे, हावड़ा से देहरादून कुंभ एक्सप्रेस तीन घंटे और जम्मूतवी से पटना अर्चना एक्सप्रेस भी तीन घंटे देर से पहुंची। आगरा से बनारस वंदेभारत एक्सप्रेस करीब 2.50 घंटे और हावड़ा से प्रयागराज रामबाग जाने वाली विभूति एक्सप्रेस 2.30 घंटे की देरी से स्टेशन से होकर गुजरी।

लगातार हो रही देरी के कारण यात्रियों में नाराजगी देखी गई। कई यात्रियों ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद समय पर ट्रेनों के संचालन की उम्मीद थी, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नहीं दिखा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेनों की लेटलतीफी का असर पिछले दिनों के परिचालन व्यवधानों के कारण अभी भी बना हुआ है, जिसे धीरे धीरे सामान्य किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से होंगी शुरू, 56 हजार छात्र शामिल

माघ मेले के लिए रोडवेज ने कसी कमर, कानपुर रीजन से 270 बसें चलेंगी

बरसाना राधारानी मंदिर में नववर्ष पर उमड़ी भक्तों की भीड़, दो महिलाएं हुईँ अस्वस्थ

बीएचयू ने टाइम्स रैंकिंग 2026 में सुधारी स्थिति, वैश्विक लक्ष्य के लिए बड़ी चुनौतियां

प्रयागराज माघ मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा, 11 जोड़ी ट्रेनें रुकेंगी