आजमगढ़ जनपद में ऑपरेशन कन्विक्शन और मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत पुलिस को दो अलग अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली है। जनपदीय पुलिस द्वारा की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप कुल तीन अभियुक्तों को माननीय न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध कर दंडित किया गया है। इन मामलों में एक नाबालिग से छेड़छाड़ का संवेदनशील मामला और दूसरा अठारह साल पुराना चोरी का मामला शामिल है जो पुलिस की प्रतिबद्धता और न्याय व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
पहले मामले में थाना निजामाबाद पर दिनांक 12 नवंबर 2021 को प्राप्त तहरीर के आधार पर नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और छेड़छाड़ से संबंधित अभियोग पंजीकृत किया गया था। उक्त प्रकरण में अभियुक्त के विरुद्ध मु0अ0सं0 224/2021 धारा 363, 366, 376, 354 भादवि एवं 3/4 पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया था। मुकदमे के दौरान कुल सात गवाहों का परीक्षण कराया गया जिनके प्रभावी साक्ष्य और अभियोजन की सशक्त पैरवी के आधार पर दिनांक 3 फरवरी 2026 को माननीय विशेष पाक्सो न्यायालय आजमगढ़ द्वारा अभियुक्त अरमान पुत्र सोहराब निवासी सिपाह कस्बा निजामाबाद थाना निजामाबाद जनपद आजमगढ़ को दोषसिद्ध पाते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। जनपदीय पुलिस महिला और बाल अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील रहते हुए ऐसे मामलों में कठोर और प्रभावी कार्यवाही के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
दूसरे मामले में थाना देवगांव पर दिनांक 8 फरवरी 2008 को वादी मुकदमा जमीन अहमद पुत्र इस्लाम अहमद निवासी बहादुरपुर थाना देवगांव जनपद आजमगढ़ द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी कि अभियुक्त रामेश उर्फ गोलू राय पुत्र सिंहासन राय और ताड़कनाथ पुत्र घनश्याम राय निवासी बहादुरपुर थाना देवगांव जनपद आजमगढ़ द्वारा वादी के ट्रैक्टर की बैट्री चोरी कर ली गई थी। उक्त तहरीर के आधार पर थाना देवगांव पर मु0अ0सं0 169/2008 धारा 379, 411 भादवि पंजीकृत किया गया था। पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में दाखिल किया गया और अभियुक्तों द्वारा जुर्म स्वीकृति के आधार पर मुकदमे की कार्यवाही संपन्न की गई। इस क्रम में दिनांक 3 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय एसीजेएम 10 कोर्ट आजमगढ़ द्वारा दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को एक माह पांच दिवस के कारावास और तीन तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
ये दोनों फैसले आजमगढ़ पुलिस की कार्यक्षमता और न्याय व्यवस्था की मजबूती को प्रदर्शित करते हैं। जनपदीय पुलिस अपराध नियंत्रण और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी विवेचना और सशक्त अभियोजन के माध्यम से निरंतर कार्यरत है।
