बलिया में जर्जर हाईटेंशन तार बना काल बेटे को बचाने दौड़े पिता की भी मौत भड़कीं विधायक केतकी सिंह ने एक्सईएन को पहुंचाया घटनास्थल
बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गुरुवार को बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार को ऐसा दर्द दिया जिसकी भरपाई संभव नहीं है। खेत में काम करने के दौरान ग्यारह हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का जर्जर तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। करंट की चपेट में पहले बेटा आया और उसे बचाने के लिए दौड़े पिता भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर बांसडीह की विधायक केतकी सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं और बिजली विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी जताई। इस दौरान अधिशासी अभियंता को मौके पर ले जाने का उनका वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
सहपुरवा गांव में हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार हादसा बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के सहपुरवा गांव में हुआ। खेत में पानी भरा हुआ था और उसी दौरान हाईटेंशन लाइन का जर्जर तार टूटकर नीचे गिर गया। करंट की चपेट में सबसे पहले राजेश यादव आ गए। बेटे को बचाने के लिए पिता जनार्दन यादव बिना अपनी जान की परवाह किए दौड़ पड़े लेकिन वह भी तेज करंट की चपेट में आ गए। दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाया गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन काफी समय से जर्जर अवस्था में थी। कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी गई थी लेकिन लाइन बदलने या मरम्मत कराने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते लाइन की मरम्मत कर दी जाती तो दो लोगों की जान बच सकती थी। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विधायक केतकी सिंह ने जताई नाराजगी
घटना की सूचना मिलते ही विधायक केतकी सिंह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता पंकज भारती को तत्काल घटनास्थल पर बुलाया। अधिकारियों के पहुंचने में हुई देरी और विभागीय लापरवाही पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक ने अधिशासी अभियंता को अपने साथ घटनास्थल तक ले जाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनवाईं और कहा कि यदि समय पर जर्जर तार बदल दिया गया होता तो यह दुखद घटना नहीं होती। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।
पीड़ित परिवार से मिलकर हर संभव सहायता का भरोसा
विधायक ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा था और अब इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासन तथा बिजली विभाग के अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि
ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर बिजली लाइनें और पुराने तार लंबे समय से चिंता का विषय बने हुए हैं। समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण कई स्थानों पर इस तरह की दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। बलिया की यह घटना भी बिजली व्यवस्था के रखरखाव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बिजली विभाग की ओर से भी तकनीकी स्तर पर घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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