ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बलिया में छह दोषियों को दस दस वर्ष का सश्रम कारावास
जनपद बलिया में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत वर्ष 2014 के एक आपराधिक मामले में न्यायालय ने छह अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए दस दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी अभियुक्तों पर कुल 91000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला थाना हल्दी में पंजीकृत मुकदमा संख्या 205 वर्ष 2014 में सुनाया गया। इस मामले में पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी महत्वपूर्ण रही।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में लंबित मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग द्वारा प्रभावी पैरवी किए जाने के परिणामस्वरूप थाना हल्दी में पंजीकृत मामले में न्यायालय द्वारा दोषियों को सजा सुनाई गई।
पंजीकृत अभियोग और धाराएं
मुकदमा संख्या 205 वर्ष 2014 थाना हल्दी जनपद बलिया में धारा 147, 148, 149, 323, 308, 304, 504 तथा 506 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना के बाद अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया था।
दोषसिद्ध अभियुक्तों का नाम और पता
इस मामले में हरेन्द्र यादव पुत्र शिवनाथ यादव, उर्मिला पत्नी हरदेव यादव, बबिता पुत्री शिवनाथ यादव, सहती पुत्री शिवनाथ यादव, विनोद यादव पुत्र हरनाथ यादव तथा रवीन्द्र यादव पुत्र शिवनाथ यादव निवासी हल्दी पश्चिम टोला थाना हल्दी जनपद बलिया को दोषी ठहराया गया।
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा
विशेष न्यायाधीश तथा अपर सत्र न्यायाधीश बलिया की अदालत ने धारा 304 भारतीय दंड संहिता में सभी छह अभियुक्तों को दस दस वर्ष का सश्रम कारावास तथा दस दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 308 भारतीय दंड संहिता में सभी अभियुक्तों को तीन तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा दो दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 323 भारतीय दंड संहिता में सभी अभियुक्तों को एक एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा पांच सौ रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर पंद्रह दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 504 भारतीय दंड संहिता में सभी अभियुक्तों को एक एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा एक एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर पंद्रह दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 506 भारतीय दंड संहिता में भी सभी अभियुक्तों को एक एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा एक एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर पंद्रह दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त धारा 147 भारतीय दंड संहिता में हरेन्द्र यादव, रवीन्द्र यादव और विनोद यादव को एक एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा एक एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर पंद्रह दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 148 भारतीय दंड संहिता में हरेन्द्र यादव, रवीन्द्र यादव और विनोद यादव को दो दो वर्ष का सश्रम कारावास तथा एक एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर पंद्रह दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 14 मई 2014 को जमीन के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि प्रतिवादी पक्ष के लोगों ने वादी पक्ष को गाली देते हुए लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में वादी पक्ष के कई लोग घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद थाना हल्दी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करते हुए विवेचना पूरी की थी।
अभियोजन अधिकारी
इस मामले में अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार भारद्वाज द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
बलिया पुलिस के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने का कार्य लगातार जारी है ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
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