रीवा मिर्जापुर हाईवे पर भीषण हादसा चार वाहनों की टक्कर के बाद बोलेरो में लगी आग 11 लोगों की दर्दनाक मौत
मिर्जापुर: ड्रमंडगंज घाटी क्षेत्र में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रीवा मिर्जापुर हाईवे पर करीब आठ बजे हुए इस हादसे में ट्रक स्विफ्ट कार बोलेरो और गिट्टी से लदा ट्रेलर आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीछे से आ रही बोलेरो में आग लग गई और कुछ ही पलों में वह पूरी तरह लपटों में घिर गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है जबकि अन्य के झुलसने की आशंका भी जताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घाटी क्षेत्र में गिट्टी से लदा ट्रेलर नीचे की ओर उतर रहा था। उसके पीछे एक स्विफ्ट कार चल रही थी जबकि उसके पीछे दाल से लदा ट्रक आ रहा था। इसी क्रम में सबसे पीछे बोलेरो वाहन सवार लोग यात्रा कर रहे थे। अचानक दाल लदे ट्रक का ब्रेक फेल हो गया जिससे उसने आगे चल रही स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही स्विफ्ट कार आगे ट्रेलर से जा भिड़ी और इसी दौरान पीछे से आ रही बोलेरो ट्रक से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई जिसने कुछ ही क्षणों में विकराल रूप ले लिया।
बोलेरो सवार लोग नहीं बच सके
बताया जा रहा है कि बोलेरो में सवार सभी लोग आग की चपेट में आकर वाहन के अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। हादसे में बोलेरो सवार दो महिलाओं दो बच्चों और पांच पुरुषों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा स्विफ्ट कार चालक और ट्रक चालक की भी इस दुर्घटना में जान चली गई। स्विफ्ट कार चालक की पहचान जय प्रकाश उम्र 26 वर्ष निवासी परसिया दुबे रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र के रूप में हुई है।
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को जानकारी दी गई। ड्रमंडगंज और हालिया सहित आसपास के थानों की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी लालगंज अमर बहादुर और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बोलेरो पूरी तरह जल चुकी थी।
स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय ग्रामीण विमलेश ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और बोलेरो में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास किया लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास जाना संभव नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम समय से नहीं पहुंच सकी जिससे राहत कार्य में देरी हुई और नुकसान अधिक हो गया।
पुलिस का बयान और जांच
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे में शामिल सभी चार वाहनों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक ट्रक बिहार का दूसरा ट्रक मध्य प्रदेश का स्विफ्ट कार सोनभद्र की और बोलेरो मिर्जापुर की बताई जा रही है। पुलिस टीम मृतकों की शिनाख्त के लिए उनके परिजनों से संपर्क कर रही है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
घाटी क्षेत्र में फिर उठे सुरक्षा सवाल
घटना के बाद पूरे घाटी क्षेत्र में अफरा तफरी और शोक का माहौल बना हुआ है। देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में वाहन संचालन के दौरान सतर्कता और मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं लेकिन प्रभावी सुरक्षा उपाय अब तक सुनिश्चित नहीं किए जा सके हैं।
पृष्ठभूमि और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
रीवा मिर्जापुर हाईवे का यह घाटी क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है। तीखे मोड़ ढलान और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यहां अक्सर हादसे होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के क्षेत्रों में नियमित वाहन जांच ब्रेक सिस्टम की निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण के सख्त उपाय जरूरी हैं ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
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