देवरिया: अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत मामले में प्रधान के दो बेटे गिरफ्तार, भेजे गए जेल
देवरिया जिले में अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान के दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपित ग्राम प्रधान समेत अन्य नामजद अभी फरार बताए जा रहे हैं।
सीसी रोड निर्माण को लेकर हुआ था विवाद
घटना बरहज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव की है, जहां अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह के घर के सामने चकनाली की जमीन पर सीसी रोड का निर्माण किया जा रहा था। अधिवक्ता इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। इसी बात को लेकर 5 अप्रैल को ग्राम प्रधान राजेश यादव और उनके समर्थकों से उनका विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद के दौरान प्रधान पक्ष के लोगों ने अधिवक्ता के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई।
पुत्र की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक के पुत्र प्रशांत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान राजेश यादव, दुबौली गांव के प्रधान गामा यादव, तारकेश्वर यादव, कुलवंत यादव, सुखवंत यादव उर्फ बीरू सहित आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शनिवार सुबह प्राथमिक विद्यालय करजहां के पास से कुलवंत यादव और सुखवंत यादव को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
अन्य आरोपित अभी फरार, पुलिस कर रही तलाश
पुलिस के अनुसार, इस मामले में ग्राम प्रधान राजेश यादव समेत अन्य आरोपित अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
प्रशासनिक जांच भी तेज, एडीएम ने दर्ज किए बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी जांच तेज कर दी गई है। एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह शनिवार को लक्ष्मीपुर गांव पहुंचे और ग्राम पंचायत सचिवालय में बंद कमरे में पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए।
इस दौरान अधिवक्ता के पुत्र प्रशांत सिंह और सिद्धार्थ, भतीजे दुष्यंत, ग्रामीण रजनीकांत उर्फ मुन्ना और विनोद सिंह के बयान लिए गए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
जांच के दौरान अधिकारी रहे मौजूद
जांच के दौरान एसडीएम हरिशंकर लाल, तहसीलदार अरुण कुमार यादव और चौकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। वहीं, अधिवक्ता समुदाय के लोग भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
मामले ने पकड़ा तूल, आगे और कार्रवाई संभव
अधिवक्ता की मौत के इस मामले ने क्षेत्र में गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस और प्रशासन दोनों ही स्तर पर जांच जारी है। संभावना जताई जा रही है कि जांच के आधार पर अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी और धाराओं में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी फरार आरोपितों को गिरफ्तार कर मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।
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