रांची में 27 जनवरी को प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल और उससे पहले लगातार पड़ने वाली छुट्टियों के कारण बैंक ग्राहकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गणतंत्र दिवस सहित अवकाश और हड़ताल के चलते शहर समेत पूरे झारखंड में बैंक लगातार चार दिन बंद रहेंगे। इस दौरान सामान्य बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी, जिससे आम लोगों के साथ साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
यह हड़ताल United Forum of Bank Unions के आह्वान पर बुलाई गई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन देश की नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर 27 जनवरी को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। चूंकि 26 जनवरी तक पहले से बैंक बंद रहेंगे, इसलिए 27 जनवरी को भी हड़ताल के कारण बैंक नहीं खुल पाएंगे।
हड़ताल से पहले केन्द्रीय श्रमायुक्त के समक्ष Indian Banks Association, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बीच 22 और 23 जनवरी को वार्ता हुई थी, लेकिन यह बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाने के बाद यूनियनों ने हड़ताल का निर्णय बरकरार रखा।
इस हड़ताल का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिलेगा। देशभर में करीब आठ लाख बैंक अधिकारी और कर्मचारी काम से दूर रहेंगे। झारखंड में ही 50 हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल होंगे, जबकि राज्य की लगभग तीन हजार से ज्यादा बैंक शाखाएं चार दिन तक बंद रहेंगी। इससे चेक क्लियरेंस, नकद जमा निकासी और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य पूरी तरह प्रभावित होंगे।
व्यापार जगत ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन से जुड़े झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मलौहत्रा ने कहा कि बैंक बंद होने से व्यापारिक लेनदेन पर सीधा असर पड़ेगा। व्यापारियों की बड़ी निर्भरता बैंकिंग सेवाओं पर है और चेक क्लियरेंस जैसी प्रक्रियाएं रुकने से बाजार में नकदी का संकट पैदा हो सकता है। वहीं जेसीआई के प्रवक्ता आदित्य अग्रवाल ने भी कहा कि बैंक बंदी से व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के महासचिव कुमार अभिनव के अनुसार केवल रांची में ही इस हड़ताल के कारण करीब 800 से 1000 करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। हालांकि बैंक यूनियनों का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर उठाया गया है।
ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि इस दौरान एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी। All India Bank Officers Association के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और वैकल्पिक सेवाओं के कारण ग्राहकों को पूरी तरह परेशानी नहीं होगी, लेकिन शाखा आधारित सेवाएं बाधित जरूर रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि Reserve Bank of India, Life Insurance Corporation of India और General Insurance Corporation of India पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह पर काम कर रहे हैं। इसी आधार पर बैंक यूनियन भी बैंकों में इस व्यवस्था को लागू करने की मांग कर रही हैं।
इस हड़ताल को ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लाइज, बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन, इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स सहित कई प्रमुख संगठनों का समर्थन प्राप्त है। आने वाले दिनों में इसका असर बैंकिंग व्यवस्था और बाजार दोनों पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
