Jharkhand News: नगर निकाय चुनाव में कड़ी निगरानी, नामांकन से मतगणना तक होगी वीडियोग्राफी
झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त व्यवस्था लागू की है। चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस चुनाव में नोटा का कोई विकल्प नहीं होगा और मतदाताओं को किसी न किसी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करना अनिवार्य होगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बताया कि निकाय चुनाव को लेकर आठ जनवरी को ही संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की जा चुकी है। बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग गृह विभाग अपर पुलिस महानिदेशक अभियान सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक शामिल रहे। इस दौरान विधि व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।
आयोग के अनुसार इस बार नगर निकाय चुनाव में सामान्य से अधिक संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं। ऐसे सभी बूथों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। मतदान केंद्रों के साथ साथ मतगणना केंद्रों और बैलेट बॉक्स को बज्रगृह तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भी पुलिस बल की विशेष व्यवस्था की जा रही है। यह जिम्मेदारी गृह विभाग और अपर पुलिस महानिदेशक अभियान के स्तर से सुनिश्चित की जा रही है।
चुनाव को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आयोग द्वारा सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य प्रेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। इसके साथ ही उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए व्यय प्रेक्षक भी तैनात किए जाएंगे। सभी प्रेक्षकों को चुनाव प्रक्रिया की गहन निगरानी के लिए आयोग द्वारा विशेष रूप से ब्रीफ किया जा रहा है और उनसे समय समय पर रिपोर्ट ली जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया पर आयोग का सीधा नियंत्रण बना रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्य में लगे सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी चुनाव संबंधी कदाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ बिना किसी हिचकिचाहट के सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने सभी से निर्भीक और निष्पक्ष होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा जताई है।
कमजोर और संवेदनशील वर्गों के मतदाताओं की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। आयोग ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान करने का भरोसा दिलाते हुए बताया कि अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत यदि कोई व्यक्ति उन्हें डराने या प्रभावित करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इसके लिए वलनरबिलिटी मैपिंग भी की गई है ताकि किसी भी प्रकार की दबाव या धमकी की स्थिति को पहले ही रोका जा सके।
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि इन सभी उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों और हर मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
