काशी विश्वनाथ धाम में तिरंगे रंगों में सजे बाबा के दर्शन से गूंजा जय हिंद
वाराणसी: देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार की सुबह राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा काशी विश्वनाथ का विशेष भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया। बाबा के स्वरूप को राष्ट्रध्वज के तीनों रंगों केसरिया सफेद और हरे रंग से सजाया गया। मंगला आरती के दौरान बाबा के इस विशेष स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और हर हर महादेव के साथ जय हिंद का उद्घोष सुनाई दिया।
तिरंगे रंगों से सजा बाबा काशी विश्वनाथ का दरबार
स्वतंत्रता दिवस की सुबह मंगला आरती के समय काशी विश्वनाथ धाम का वातावरण आध्यात्मिकता के साथ राष्ट्रभक्ति से सराबोर दिखाई दिया। गर्भगृह से लेकर मंदिर परिसर तक विशेष सजावट की गई थी। बाबा के श्रृंगार में तिरंगे के रंगों का विशेष ध्यान रखा गया। केसरिया रंग के गेंदे के फूल सफेद रंग की रजनीगंधा और हरे रंग की पत्तियों से गर्भगृह को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बाबा के इस विशेष स्वरूप को देखने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते रहे।
मंगला आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने बाबा के विशेष श्रृंगार के दर्शन किए। कई भक्त इस दृश्य को देखकर भावुक नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा की भक्ति के साथ राष्ट्रप्रेम की अनुभूति का यह अवसर बेहद खास है। काशी में धार्मिक आस्था के केंद्र श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुआ यह विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मुख्य अर्चक ने बताया विशेष श्रृंगार का महत्व
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाबा का ऐसा विशेष श्रृंगार पहली बार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह श्रृंगार देश की एकता और अखंडता के साथ आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। बाबा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं। श्रद्धालु बाबा के इस विशेष स्वरूप को अपनी आंखों में कैद करने के लिए उत्साहित नजर आए। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में दिखाई दिया यह दृश्य आध्यात्म और राष्ट्रभक्ति के भावों को एक साथ जोड़ता नजर आया।
कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने किया ध्वजारोहण
उधर वाराणसी कलेक्ट्रेट में शनिवार सुबह 8 बजे स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी सत्येंद्र झा ने कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जिलाधिकारी का छात्रों और कर्मचारियों ने स्वागत किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने ध्वजारोहण किया। पुलिस लाइन से पहुंची गारद ने राष्ट्रीय ध्वज को सशस्त्र सलामी दी। कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर देशभक्ति के माहौल से गूंज उठा।
स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का हुआ अभिनंदन
कलेक्ट्रेट में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्कूली छात्राएं कलेक्ट्रेट के कर्मचारी और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों और लोकतंत्र सेनानियों का जिलाधिकारी सत्येंद्र झा ने अभिनंदन किया। समारोह में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े परिवारों के योगदान को सम्मान के साथ याद किया गया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व और देश की एकता अखंडता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।
काशी में दिखा राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का संगम
स्वतंत्रता दिवस पर काशी में आयोजित दोनों प्रमुख कार्यक्रमों में अलग अलग रूप में राष्ट्रभक्ति का भाव दिखाई दिया। श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा के तिरंगे रंगों वाले विशेष श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ राष्ट्रप्रेम से जोड़ा तो कलेक्ट्रेट में ध्वजारोहण और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के अभिनंदन के माध्यम से देश के स्वतंत्रता संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों को सम्मान दिया गया। इस तरह स्वतंत्रता दिवस की सुबह वाराणसी में धर्म आस्था सम्मान और राष्ट्रभक्ति के भाव एक साथ दिखाई दिए।
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