माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती को लेकर कमिश्नरेट वाराणसी में उच्चस्तरीय समन्वय गोष्ठी
माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती 2026 के अवसर पर वाराणसी कमिश्नरेट क्षेत्र में शांति सुरक्षा यातायात एवं नागरिक सुविधाओं के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 30 जनवरी 2026 को एक उच्चस्तरीय समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय श्री शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में अपराह्न 4 बजे यातायात लाइन्स स्थित सम्मेलन कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में काशी वरुणा गोमती एवं यातायात जोन के पुलिस उपायुक्तों के साथ साथ अपर नगर मजिस्ट्रेट अपर नगर आयुक्त सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी नगर निगम स्वास्थ्य जलकल विद्युत अग्निशमन लोक निर्माण परिवहन विभाग के अधिकारीगण तथा कार्यक्रमों के आयोजक एवं संयोजक उपस्थित रहे।
गोष्ठी का आयोजन 1 फरवरी 2026 को प्रस्तावित माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती के अवसर पर जनपद वाराणसी में आयोजित होने वाले धार्मिक सांस्कृतिक एवं श्रद्धा से जुड़े कार्यक्रमों के दृष्टिगत किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि इन आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था शांति सुरक्षा यातायात नियंत्रण स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाएं तथा मूलभूत नागरिक सुविधाएं सुचारु समन्वित एवं सुदृढ़ रूप से संचालित की जा सकें। सभी संबंधित विभागों और आयोजकों द्वारा अपने अपने कार्यक्षेत्र उपलब्ध संसाधनों तथा संभावित चुनौतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई और आपसी समन्वय से कार्य करने पर विशेष बल दिया गया।
गोष्ठी के दौरान विशेष रूप से थाना लंका क्षेत्र में स्थित संत रविदास मंदिर उससे जुड़े संपर्क मार्गों प्रमुख घाट क्षेत्रों रेलवे स्टेशनों बस अड्डों चिन्हित पार्किंग स्थलों तथा अन्य संवेदनशील बिंदुओं पर संभावित भारी जनसमूह अंतरराज्यीय श्रद्धालुओं की आवक और यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए गहन विचार विमर्श किया गया। विगत वर्षों के अनुभवों एवं संभावित जोखिमों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुव्यवस्थित सुगम और गरिमामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था दुर्घटना या अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जाना आवश्यक है।
अपर पुलिस आयुक्त श्री शिवहरी मीणा द्वारा कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए गए कि सभी कार्यक्रम स्थलों मंदिर परिसरों और भीड़ संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस पीएसी एवं महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर स्थायी एवं मोबाइल पुलिस पिकेट स्थापित कर निरंतर निगरानी रखने तथा अधिकारियों को स्वयं क्षेत्र में भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए। सभी थाना प्रभारियों को नियमित पैदल गश्त कर आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों हिस्ट्रीशीटरों और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखने के आदेश दिए गए। निरोधात्मक कार्रवाई के अंतर्गत संबंधित धाराओं में समय से कार्रवाई पूर्ण कर उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश भी दिए गए।
तकनीकी निगरानी और अभिसूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए सभी प्रमुख कार्यक्रम स्थलों मार्गों और प्रवेश निकास बिंदुओं पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने तथा कंट्रोल रूम से नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ की निगरानी सोशल मीडिया पर अफवाह भ्रामक या उत्तेजक सामग्री पर सतत नजर रखने और किसी भी संदिग्ध सूचना का तत्काल सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था के संबंध में विस्तृत डायवर्जन प्लान पूर्व से लागू करने भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वैकल्पिक मार्गों पर स्पष्ट साइनेज बैरिकेडिंग और सूचना बोर्ड लगाने तथा यातायात पुलिस होमगार्ड और पीआरडी की संयुक्त तैनाती के निर्देश दिए गए। एम्बुलेंस अग्निशमन एवं अन्य आपात वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। भीड़ प्रबंधन के तहत प्रवेश और निकास मार्ग अलग अलग निर्धारित करने कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था वन वे मूवमेंट बुजुर्ग महिला और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता तथा अतिरिक्त बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाएं अग्नि सुरक्षा जल एवं विद्युत आपूर्ति को लेकर भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए। नगर निगम को कार्यक्रम से पूर्व दौरान और पश्चात विशेष स्वच्छता अभियान चलाने प्राथमिक चिकित्सा शिविरों की स्थापना एम्बुलेंस और चिकित्सा स्टाफ की तैनाती अग्निशमन वाहनों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए। नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे सक्रिय रखते हुए सभी विभागों के बीच त्वरित सूचना आदान प्रदान और समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
गोष्ठी के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि जारी सभी निर्देशों का पूर्ण निष्ठा समयबद्धता और पारस्परिक समन्वय के साथ कड़ाई से अनुपालन किया जाए। अपर पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि सभी विभाग कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व अपनी तैयारियां पूर्ण कर लें फील्ड में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट और व्यावहारिक ब्रीफिंग दी जाए तथा कार्यक्रम के दौरान निरंतर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर उत्तरदायित्व तय करते हुए कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अंत में आमजन और श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या नियंत्रण कक्ष को दें ताकि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण सुरक्षित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हो सकें।
