महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोका, विधायक से सड़क पर तीखी बहस

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जल जीवन मिशन में सड़कों की बदहाली और जलापूर्ति ठप होने पर मंत्री के काफिले को रोककर विरोध।

महोबा: जिले के एक दिवसीय दौरे पर आए प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को उस समय अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जब युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौटते समय उनका काफिला बीच रास्ते में रोक लिया गया। यह विरोध भाजपा के चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों की ओर से किया गया, जिन्होंने जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की बदहाली और गांवों में पानी की आपूर्ति न होने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। विरोध के दौरान हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार, शहर के रामश्री महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद जलशक्ति मंत्री का काफिला कलक्ट्रेट मार्ग से होकर लौट रहा था। इसी दौरान पहले से मौजूद विधायक बृजभूषण राजपूत अपने समर्थकों और कई ग्राम प्रधानों के साथ सड़क पर आ गए और वाहनों को बीच सड़क पर खड़ा कर काफिला रोक दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को संभालने के लिए सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय मौके पर पहुंचे और प्रशासन ने मोर्चा संभाला।

काफिला रुकने के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्वयं वाहन से नीचे उतरे। इसके बाद मंत्री और विधायक के बीच सड़क पर ही तीखी नोकझोंक हो गई। समर्थकों का आरोप था कि जल जीवन मिशन के नाम पर सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन मरम्मत आज तक नहीं हुई। कई गांवों में तीन वर्षों से पानी की आपूर्ति ठप है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि यह पूरा विरोध सुनियोजित तरीके से किया गया था, क्योंकि विधायक समर्थकों के साथ पहले से ही कलक्ट्रेट मार्ग पर मौजूद थे।

हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए समर्थकों को सड़क से हटाया और धीरे-धीरे काफिले को आगे बढ़वाया। इस दौरान भाजपा विधायक के साथ पहुंचे प्रधानों ने भी अपनी शिकायतें सामने रखीं और कहा कि बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद न तो सड़कों की मरम्मत हुई और न ही जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार आया।

काफिला रुकने के बाद हुई बातचीत में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जहां भी शिकायत है, वहां वे स्वयं जाकर निरीक्षण करने को तैयार हैं। मंत्री ने विधायक से कहा कि चाहे 40 गांव ही क्यों न हों, वे सभी जगह जाकर हालात देखेंगे और अगर कहीं लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा। उन्होंने विधायक को अपने साथ गाड़ी में चलने का प्रस्ताव भी दिया।

घटना के बाद मंत्री ने विधायक बृजभूषण राजपूत को अपनी गाड़ी में बैठाया, लेकिन इसी दौरान उनके कुछ समर्थकों की इंस्पेक्टर से तीखी बहस हो गई। समर्थकों का कहना था कि जब तक पूरी बात नहीं सुनी जाएगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। झड़प के दौरान तीखे शब्दों का आदान-प्रदान भी हुआ, हालांकि अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए मामला शांत कराया।

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। एक ओर सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना पर सवाल उठे हैं, तो दूसरी ओर सत्ताधारी दल के भीतर ही असंतोष खुलकर सामने आ गया। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।