महराजगंज: नेपाल भेजी जा रही 5700 नशीली इंजेक्शन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, 10 लाख का माल बरामद
महराजगंज जिले में ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रानीपुर चौराहे के पास से पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करते हुए करीब 10 लाख रुपये मूल्य की 5700 नशीली इंजेक्शन बरामद की हैं। बरामद इंजेक्शन नेपाल भेजे जाने की तैयारी में थे।
संयुक्त टीम ने की घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रेसवार्ता में बताया कि ड्रग तस्करी की सूचना पर शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे पुरंदरपुर थाना पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से रानीपुर चौराहे के पास घेराबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कार में सवार दो व्यक्तियों के पास से भारी मात्रा में नशीली इंजेक्शन बरामद हुईं, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई।
बरामद हुए नशे में प्रयुक्त इंजेक्शन
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से कुल 5700 इंजेक्शन बरामद किए हैं, जिनमें डायजेपाम, बुप्रेनॉर्फिन और प्रोमेथाजीन हाइड्रोक्लोराइड के 1900-1900 एम्पुल शामिल हैं। इन दवाओं का सामान्य उपयोग चिकित्सकीय होता है, लेकिन इनका मिश्रण कर नशे के रूप में प्रयोग किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के नशीले मिश्रण का युवाओं में तेजी से प्रचलन बढ़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
नेपाल में बेचने की थी योजना
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राजेन्द्र धरिकार उर्फ इलू निवासी जुगौली थाना सोनौली और आदित्य कुमार मिश्र निवासी कम्हरिया बुजुर्ग थाना कोल्हुई के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे पिछले छह महीनों से इन इंजेक्शनों को नेपाल ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचते थे।
जिस कार से तस्करी की जा रही थी, वह गोरखपुर निवासी चंदन सिंह के नाम पंजीकृत बताई गई है। पुलिस अब वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है।
एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई, भेजे गए जेल
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस इस पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ने टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। इस ऑपरेशन में पुरंदरपुर थानाध्यक्ष मनोज राय, एसओजी प्रभारी योगेश सिंह और स्वाट प्रभारी आशीष सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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