मऊ: सरायलखंसी थाना क्षेत्र में सोमवार की दोपहर जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। ताजोपुर के बाबू का पूरा मौजा में एक शांत दोपहर अचानक चीख पुकार और मातम में बदल गई। घर के बाहर धूप में बैठे एक ही परिवार के चार लोगों को तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने बेरहमी से रौंद दिया। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश और साजिश के आरोप भी सामने आए हैं, जिसने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
जानकारी के अनुसार रीता देवी उम्र लगभग पचास वर्ष अपनी बेटी गोल्डी राजभर उम्र चौबीस वर्ष सास मुखिया राजभर उम्र सत्तर वर्ष और बहन के बेटे शिवम राजभर उम्र पच्चीस वर्ष के साथ घर के बाहर बैठी थीं। सर्दी के मौसम में धूप सेंकते हुए परिवार आपस में बातचीत कर रहा था। उसी समय गांव का ही एक युवक कार से वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार अचानक घर की ओर मुड़ी और तेज गति से सीधे बैठी हुई महिलाओं और बुजुर्ग पर चढ़ गई। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
टक्कर इतनी भयावह थी कि चारों लोग दूर जा गिरे और मौके पर ही चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़ते हुए पहुंचे। खून से लथपथ घायलों को देखकर गांव में अफरा तफरी का माहौल बन गया। परिजन और ग्रामीण बिना समय गंवाए सभी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने रीता देवी को मृत घोषित कर दिया। बेटी गोल्डी राजभर की हालत बेहद नाजुक थी और इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। मां बेटी की एक साथ मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मुखिया राजभर और शिवम राजभर गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और लगातार निगरानी की जा रही है। घटना की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर आंख नम थी और हर जुबान पर इंसाफ की मांग थी।
घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। बताया गया कि कार में सवार एक अन्य युवक ने गांव के ही कुछ लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बाद में वह भी वाहन लेकर फरार हो गया। इस व्यवहार ने ग्रामीणों के शक को और गहरा कर दिया है। परिजनों का साफ आरोप है कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं थी। उनका कहना है कि आरोपी चालक ने जानबूझकर कार को घर के सामने मोड़ा और तेज रफ्तार में परिवार को कुचल दिया।
मृतकों के परिजनों ने यह भी बताया कि दोनों परिवारों के बीच कई साल पुरानी रंजिश चली आ रही थी। लड़की के मामले को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। कई बार कहासुनी और तनाव की स्थिति बनी थी। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत लगभग बंद थी। परिजनों का आरोप है कि इसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए इस दर्दनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही सरायलखंसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर आपसी रंजिश की आग में मासूम लोगों को कुचल देना कहां तक जायज है। मां और बेटी की एक साथ मौत ने प्रशासन और समाज दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।
