सारनाथ हत्याकांड: कालोनाइजर महेंद्र गौतम मर्डर केस में मुन्ना यादव की एंट्री, 25 हजार का इनाम घोषित
वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में हुए चर्चित कालोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच में गाजीपुर निवासी मुन्ना यादव की संलिप्तता उजागर हुई है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
21 अगस्त 2025 को हुई थी हत्या
बताया जा रहा है कि 21 अगस्त 2025 की सुबह सारनाथ के बुद्धा नगर निवासी कालोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना उस समय क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बनी थी और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की और महज आठ दिनों के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि महेंद्र गौतम का गाजीपुर निवासी जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू के साथ जमीन के सौदे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते जोगेंद्र यादव ने भाड़े के शूटरों को सुपारी देकर हत्या की साजिश रची थी।
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे घटनाक्रम में कई अपराधियों की भूमिका रही, जिनमें शार्प शूटरों का नेटवर्क शामिल था।
मुन्ना यादव की भूमिका आई सामने
पुलिस के अनुसार, गाजीपुर के गौरहट निवासी मुन्ना यादव ने इस हत्या में अहम भूमिका निभाई। उसने अपने भाई बनारसी यादव को, जो एक लाख रुपये का इनामी बदमाश था, इस हत्याकांड में शार्प शूटर के रूप में शामिल कराया था।
बनारसी यादव बाद में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा जा चुका है। अब पुलिस की नजर मुन्ना यादव और उसके अन्य सहयोगियों पर है।
शार्प शूटरों की गिरफ्तारी और एनकाउंटर
इस मामले में एक अन्य शार्प शूटर अरविंद यादव को सारनाथ पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, दूसरे शूटर बनारसी यादव को 3 फरवरी को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया।
इसके अलावा, इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपी चंदन की भी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पैसों के लेन-देन से जुड़ा है मामला
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस हत्या के पीछे आर्थिक विवाद भी एक बड़ा कारण था। मुख्य साजिशकर्ता जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू के पास मुन्ना यादव के लगभग पांच लाख रुपये फंसे हुए थे। इसी रकम को निकालने के लिए मुन्ना यादव ने फैटू के साथ मिलकर हत्या की साजिश में सहयोग किया।
बैंक स्टेटमेंट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुन्ना यादव को इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
घोषित इनाम और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि हत्याकांड से जुड़े लगभग सभी किरदारों का खुलासा हो चुका है। अब केवल कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
मुन्ना यादव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
आरोपी मुन्ना यादव का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में उसके आपराधिक तत्वों से संबंध और अपराधियों के नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। वहीं, उसका भाई बनारसी यादव पहले से ही एक कुख्यात अपराधी था, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह कई गंभीर मामलों में वांछित था।
जल्द हो सकता है केस का पूरा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे हत्याकांड का अंतिम खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस मुन्ना यादव और चंदन की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है।
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के लगभग सभी पहलुओं का पर्दाफाश हो चुका है और जल्द ही पुलिस इस केस को पूरी तरह सुलझाने का दावा कर रही है।
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