सोनभद्र में दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 वर्ष का कठोर कारावास
जनपद सोनभद्र में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण में मा न्यायालय सोनभद्र ने दोष सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा कुल 56000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत हुई है। पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी तथा साक्ष्यों के समन्वित प्रस्तुतिकरण के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
प्रकरण का पृष्ठभूमि विवरण
यह मामला थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र से संबंधित है। दर्ज मुकदमा संख्या 636 वर्ष 2018 में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 क, 376, 504, 506 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3 4 और 7 8 के साथ ही एससी एसटी एक्ट की धारा 3 2 5 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा जांच प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और न्यायालय में साक्ष्यों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया।
अभियुक्त का विवरण
मामले में आरोपी के रूप में राज पाण्डेय उर्फ राजा उर्फ राजा मिश्रा पुत्र स्व अरुण कुमार मिश्रा उर्फ बच्चा निवासी रजधन पईका थाना चोपन जनपद सोनभद्र को नामजद किया गया था। आरोपी का हाल पता काशीराम आवास थाना चोपन जनपद सोनभद्र बताया गया है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध आरोप सिद्ध हुए।
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा
मा न्यायालय सोनभद्र द्वारा पारित आदेश के अनुसार धारा 376 भादवि के अंतर्गत आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा 50000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। इसके अतिरिक्त धारा 7 8 पॉक्सो एक्ट के तहत 4 वर्ष का कठोर कारावास और 5000 रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। धारा 506 भादवि के अंतर्गत 1000 रुपये का अतिरिक्त अर्थदण्ड भी निर्धारित किया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अर्थदण्ड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को कुल 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान की भूमिका
जनपद सोनभद्र पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान का उद्देश्य गंभीर मामलों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है। इस प्रकरण में भी पुलिस और अभियोजन पक्ष के समन्वय से केस को मजबूती मिली। लगातार मॉनिटरिंग और साक्ष्यों के व्यवस्थित संकलन के चलते न्यायालय में अभियोजन पक्ष की स्थिति मजबूत रही और दोष सिद्धि संभव हो सकी।
पुलिस और अभियोजन पक्ष की सराहनीय भूमिका
इस मामले में थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन पक्ष तथा जनपद मॉनिटरिंग सेल की संयुक्त और सतत कार्यवाही को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सभी संबंधित इकाइयों ने समन्वित प्रयास करते हुए न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे अभियुक्त के खिलाफ आरोप साबित हुए और सजा सुनिश्चित हुई।
पृष्ठभूमि और कानूनी महत्व
दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करने का कार्य करती है। ऐसे मामलों में समयबद्ध जांच, साक्ष्यों का संरक्षण और प्रभावी पैरवी न्यायिक प्रक्रिया की सफलता के महत्वपूर्ण आधार माने जाते हैं। सोनभद्र में आए इस फैसले को कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे गंभीर अपराधों के विरुद्ध सख्त संदेश जाता है।
प्रशासनिक संदेश और आगे की कार्रवाई
जनपद पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को आगे भी इसी तरह प्राथमिकता दी जाएगी। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत लंबित गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी जारी रखी जा रही है ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके और अपराधियों को समय पर सजा सुनिश्चित हो। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सतत प्रयास जारी रहेंगे।
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