लखनऊ/सुलतानपुर: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ट्रकों के इंजन और चेसिस नंबर में हेराफेरी कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोन और बीमा कराने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में STF ने गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए चार फर्जी रजिस्ट्रेशन वाले ट्रक, एक छोटा हाथी वाहन, तीन मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की है। STF की इस सफलता को संगठित वाहन अपराधों के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
STF के अनुसार, 23 जनवरी को सटीक सूचना के आधार पर सुलतानपुर बायपास रोड स्थित एक गैराज पर छापा मारा गया। मौके पर देखा गया कि ट्रकों के इंजन और चेसिस नंबर बदले जा रहे थे और उनके कागजात में फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह गिरोह लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से इस आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले बैंकों या फाइनेंस कंपनियों के डिफॉल्टेड लोन वाले ट्रकों को बेहद सस्ते दामों में खरीदते थे। इसके बाद ट्रकों के असली इंजन और चेसिस नंबर बदल दिए जाते थे। नए नंबरों के आधार पर फर्जी रजिस्ट्रेशन और अन्य कागजात तैयार कराए जाते थे, ताकि वाहन को वैध दिखाकर दोबारा लोन और इंश्योरेंस कराया जा सके। कुछ समय बाद जानबूझकर किस्तें जमा नहीं की जाती थीं और फिर वाहन चोरी होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती थी, जिससे बीमा क्लेम और अन्य लाभ हासिल किए जा सकें।
STF अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह की गतिविधियों से न केवल बैंकों और बीमा कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि वाहन पंजीकरण और वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही थी। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि गैंग का नेटवर्क अन्य जिलों और राज्यों तक फैला हो सकता है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले में थाना कोतवाली देहात, सुलतानपुर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है और STF को उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। पुलिस का कहना है कि वाहन फर्जीवाड़े और आर्थिक अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
