स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में मेडिकल जांच पूरी, रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाएगी
वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न प्रकरण में जांच प्रक्रिया ने महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। पुलिस की निगरानी में पीड़ित बताए जा रहे नाबालिगों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। यह परीक्षण दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा प्रयागराज के एक सरकारी अस्पताल में संपन्न हुआ। तैयार की गई मेडिकल रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है जिसे शुक्रवार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
मेडिकल परीक्षण के बाद रिपोर्ट सीलबंद
पुलिस सूत्रों के अनुसार मेडिकल जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराई गई। परीक्षण के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय मानकों का पालन किया गया और सभी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे गोपनीयता बनाए रखते हुए सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट की सामग्री पर अंतिम टिप्पणी अदालत में प्रस्तुतिकरण के बाद ही की जाएगी।
जांच एजेंसियां तथ्यों की कर रहीं हैं पुष्टि
सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि मेडिकल जांच में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने की बात कही जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभी जांच का हिस्सा है और यह तय किया जाना शेष है कि कथित कृत्य किसने और कब किया। जांच एजेंसियां पीड़ितों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों का मिलान कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी बिंदुओं की विधिवत पुष्टि के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा
मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी चर्चा तेज हो गई है। चूंकि प्रकरण एक प्रमुख धार्मिक व्यक्तित्व से जुड़ा है इसलिए विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों की नजरें जांच की प्रगति पर बनी हुई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक बयान पर ही भरोसा करें।
केस दर्ज कराने वाले पक्ष का दावा
इस प्रकरण में केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने दावा किया है कि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि संबंधित सबूत जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चाई सामने आने में अधिक समय नहीं लगेगा और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे।
न्यायालय में होगी अगली सुनवाई
फिलहाल मामला न्यायालय के विचाराधीन है और मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जा रही है। सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आवश्यक साक्ष्यों का संकलन जारी है। जब तक अदालत की ओर से कोई अंतिम आदेश नहीं आता तब तक किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
प्रशासन ने दोहराया है कि संवेदनशील मामलों में कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो संबंधित तथ्यों को भी न्यायालय के समक्ष स्पष्ट किया जाएगा। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और सभी की निगाहें आगामी न्यायिक कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
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