उत्तर प्रदेश में मौसम का कहर: वज्रपात से 7 लोगों की मौत, आंधी-ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जनजीवन पर गहरा असर डाला है। शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ वज्रपात की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। अचानक बदले मौसम ने न केवल जनहानि की, बल्कि किसानों की खड़ी और कटी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
चित्रकूट में दर्दनाक हादसा, तीन की मौत
चित्रकूट जिले के भरतकूप क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। यहां चार किशोर बकरियां चराने खेत गए थे। अचानक बारिश शुरू होने पर वे भीगने से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से 15 वर्षीय विकास और 14 वर्षीय करण की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 15 वर्षीय नीरज और 13 वर्षीय सुमित गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसी जिले में एक अन्य घटना में 48 वर्षीय रजपतिया देवी खेत में चना की फसल समेट रही थीं, तभी उन पर बिजली गिर गई। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
वाराणसी में दंपती की मौत, कई लोग झुलसे
वाराणसी में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक दंपती की जान चली गई। मृतक की पहचान मिडिल स्कूल के शिक्षक रमेश राम और उनकी पत्नी के रूप में हुई है। इसके अलावा, खेत से लौट रही एक ही परिवार की तीन महिलाएं बिजली गिरने से झुलस गईं। वहीं एक अन्य घटना में मां और बेटा भी वज्रपात की चपेट में आकर घायल हो गए।
भदोही और ललितपुर में भी गई जान
भदोही जिले में अपने दादा के साथ खेत गए एक 12 वर्षीय बच्चे की बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं ललितपुर में घर के बाहर रखे सामान को बचाने निकले एक किशोर पर बिजली गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना दिया है।
आंधी और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान
प्रदेश के पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे कटाई और मड़ाई का काम बाधित हो गया है। वहीं कई जगहों पर पहले से काटकर रखी गई फसल भीग गई, जिससे नुकसान की आशंका और बढ़ गई है।
आम की फसल को भी इस मौसम की मार झेलनी पड़ी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण आम के पेड़ों से फल गिर गए हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। बांदा, हमीरपुर, जालौन और महोबा जैसे जिलों में भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग का अलर्ट, 35 जिलों में खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शनिवार को भी प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। विभाग के अनुसार हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसको लेकर प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
अमेठी, अयोध्या, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, रायबरेली, सीतापुर समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें और सुरक्षित रहें
लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले स्थानों से दूर रहें। खेतों में काम कर रहे किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यह बदलता मौसम न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि किसानों की आजीविका पर भी गंभीर असर डाल रहा है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी हो गया है।
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