वाराणसी: तुलसी घाट के पास गंगा में दो नावों की टक्कर, पांच श्रद्धालु सुरक्षित बचाए गए
वाराणसी, 16 फरवरी 2026: गंगा नदी में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब तुलसी घाट के पास दो नावों की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद एक छोटी नाव पूरी तरह से गंगा में डूब गई। नाव में सवार हैदराबाद और पुणे के पांच श्रद्धालु नदी में गिर पड़े, लेकिन एनडीआरएफ और स्थानीय नाविकों की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित तुलसी घाट से एक छोटी नाव में सवार होकर पांच श्रद्धालु गंगा पार स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान असि घाट की ओर से आ रही एक बड़ी नाव तेज रफ्तार में सामने आ गई और दोनों नावों के बीच टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि छोटी नाव असंतुलित होकर पलट गई और देखते ही देखते पानी में समा गई।
नाव के डूबते ही उसमें सवार सभी श्रद्धालु गंगा में गिर पड़े। घाट पर मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद एनडीआरएफ के जवान और स्थानीय नाविक तुरंत सक्रिय हो गए।
एनडीआरएफ और नाविकों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
गंगा में गिरे यात्रियों को तेजी से बचाव दल ने बाहर निकाला और दूसरी नाव पर सुरक्षित चढ़ाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बचाव कार्य कुछ ही मिनटों में पूरा कर लिया गया, जिससे किसी की जान नहीं गई। यदि राहत कार्य में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
लाइफ जैकेट नहीं पहने थे यात्री
घटना के बाद यह भी सामने आया कि छोटी नाव में सवार किसी भी श्रद्धालु ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। घाट क्षेत्र में अक्सर सुरक्षा मानकों को लेकर लापरवाही देखने को मिलती है। इस घटना ने एक बार फिर नाव संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रद्धालुओं का विवरण
नाव में सवार यात्रियों में हैदराबाद निवासी दिलीप, दर्शना और देवयानी शामिल थे, जबकि पुणे निवासी रोहित और दीपाली भी उनके साथ थे। सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक जांच के बाद जाने दिया गया।
प्रशासन अलर्ट
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घाटों पर नाव संचालन की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभाग द्वारा यह भी जांच की जा रही है कि नावों की गति, क्षमता और सुरक्षा उपकरणों के संबंध में नियमों का पालन हो रहा था या नहीं।
गंगा में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग नाव से आवागमन करते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
