वाराणसी: गंजारी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के लिए सड़कों का चौड़ीकरण शुरू, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज
वाराणसी के गंजारी क्षेत्र में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। स्टेडियम के निर्माण कार्य के साथ-साथ वहां तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़कों के चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि स्टेडियम के उद्घाटन से पहले यातायात व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त हो जाए, ताकि भविष्य में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
रिंग रोड के पास बन रहा आधुनिक स्टेडियम
गंजारी में रिंग रोड के किनारे बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम काशी के खेल बुनियादी ढांचे को नई पहचान देगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, स्टेडियम का निर्माण इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद अगले वर्ष की शुरुआत में यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित किए जाने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
स्टेडियम के तैयार होने के बाद बड़ी संख्या में दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों के यहां पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से ही यातायात प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
यातायात दबाव को देखते हुए सड़कों का चौड़ीकरण
मैचों के दौरान भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए स्टेडियम की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। प्रशासन ने दो प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण द्वारा इस प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा प्रदान करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इन दो प्रमुख सड़कों का होगा चौड़ीकरण
परियोजना के तहत जिन दो सड़कों का चौड़ीकरण प्रस्तावित है, उनमें पहला मार्ग हरसोस-सूईचक-गंगापुर मार्ग है। इस मार्ग के चैनेज 3.030 पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके लिए राजातालाब तहसील के अंतर्गत ग्रामसभा हरसोस, गंजारी, सूईचक और टेकीकहार से लगभग 3.0154 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
दूसरा मार्ग लहरतारा-कोटवा-कोरउत-परमपुर-अकेलवा मार्ग है। इस मार्ग के चैनेज 12.00 से 14.500 तक चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इसके लिए लगभग 0.5232 हेक्टेयर भूमि ग्राम रामरायपुर, दयापुर, चकदीहराम, टेकीकहार और सूईचक से अधिग्रहित की जाएगी।
सहमति के आधार पर होगा भूमि अधिग्रहण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सहमति और आपसी समझौते के आधार पर पूरी की जाएगी। इसके लिए संबंधित गांवों की भूमि का चयन कर लिया गया है और प्रभावित लोगों से संवाद स्थापित किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक चरण की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो और परियोजना समय पर पूरी हो सके।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का अध्ययन
भूमि अधिग्रहण और सड़क चौड़ीकरण के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों का अध्ययन भी कराया जाएगा। इसके लिए रांची की संस्था एटलस मैनेजमेंट कंसल्टिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह संस्था प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
इस अध्ययन के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास कार्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के हितों की भी रक्षा हो सके।
भविष्य में बेहतर होगा आवागमन
सड़क चौड़ीकरण के बाद गंजारी क्षेत्र में आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। इससे न केवल स्टेडियम तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इसके अलावा, इस परियोजना से शहर के बाहरी इलाकों में आवासीय योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में यह क्षेत्र निवेश और विकास के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।
काशी के विकास में एक और बड़ा कदम
गंजारी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और उससे जुड़ा सड़क विकास कार्य काशी के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल खेल सुविधाओं में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
प्रशासन को उम्मीद है कि समयबद्ध तरीके से इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी देश के प्रमुख खेल और पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।
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