वाराणसी के गिलट बाजार चौकी पर अधिवक्ताओं का हंगामा, आधे घंटे तक लगा जाम, जांच के निर्देश
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गिलट बाजार चौकी पर देर रात उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अधिवक्ताओं ने चौकी का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान तरना से गिलट बाजार जाने वाला मार्ग करीब आधे घंटे तक बाधित रहा, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
खोदाई को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौकी इंचार्ज प्रभाकर सिंह गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारपुरम क्षेत्र के पास एक खाली प्लॉट में चल रही खोदाई पर आपत्ति जताई। चौकी इंचार्ज ने मौके पर मौजूद लोगों से निर्माण कार्य के लिए आवश्यक अनुमति पत्र मांगा और चेतावनी दी कि यदि खोदाई के कारण आसपास के मकानों को कोई नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जेसीबी रुकवाने के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को चौकी पर बुलाया गया और मौके पर मौजूद जेसीबी मशीन को भी रुकवा दिया गया। इसी बीच यह जानकारी सामने आई कि जिस प्लॉट पर कार्य चल रहा था, वह एक अधिवक्ता का है। इसके बाद संबंधित अधिवक्ता ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया।
अधिवक्ताओं ने किया चौकी का घेराव और चक्का जाम
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में अधिवक्ता चौकी पर पहुंच गए और उन्होंने विरोध स्वरूप सड़क पर चक्का जाम कर दिया। अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चौकी इंचार्ज के व्यवहार पर आपत्ति जताई। इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा और एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद अधिवक्ताओं ने जाम समाप्त किया, जिससे यातायात फिर से सुचारू हो सका।
जांच के दिए गए निर्देश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से बातचीत कर निष्पक्ष समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों को हुई परेशानी
चक्का जाम के चलते स्थानीय लोगों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहे, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।
यह घटना एक बार फिर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय को लेकर सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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