रंगभरी एकादशी के दृष्टिगत व्यापक सुरक्षा तैयारी, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने किया स्थलीय निरीक्षण और उच्चस्तरीय समीक्षा
काशी विश्वनाथ मंदिर, यात्रा मार्ग, घाटों और संवेदनशील स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
वाराणसी, 23 फरवरी 2026। रंगभरी एकादशी पर्व को सकुशल, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से अपर पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी शिवहरी मीणा द्वारा व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। आगामी पर्व पर काशी में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में अपर पुलिस आयुक्त ने संपूर्ण यात्रा मार्ग, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, आसपास के घाटों, प्रमुख गलियों तथा अन्य महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थलों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक भीड़, प्रवेश एवं निकास मार्गों की संरचना, बैरिकेडिंग व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज, ड्यूटी प्वाइंट निर्धारण, अग्नि सुरक्षा उपाय, आपातकालीन निकास मार्ग तथा भीड़ नियंत्रण की रणनीति का गहन परीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक व्यवस्था व्यावहारिक रूप से परखी जाए और केवल कागजी तैयारी तक सीमित न रहे।
पिनाक भवन में आयोजित हुई समन्वय बैठक
स्थलीय निरीक्षण के उपरांत पिनाक भवन स्थित मीटिंग हॉल में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव वंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी, सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा राम सिंह, मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधिगण, संबंधित थाना प्रभारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सात प्रमुख खंडों में विभाजित कर बिंदुवार समीक्षा की गई, जिसमें सघन चेकिंग, बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, तकनीकी निगरानी, अफवाह निरोधक उपाय, आपदा प्रबंधन एवं विभागीय समन्वय शामिल रहे।
त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और सघन चेकिंग
मंदिर परिसर की बाहरी, मध्य और आंतरिक परिधि में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित करने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक स्तर पर एक प्रभारी अधिकारी नामित किया जाएगा, जो अपने क्षेत्र की संपूर्ण सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होगा। सभी प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर सक्रिय रखे जाएंगे तथा हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से द्वितीयक जांच की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की जांच हेतु पर्याप्त महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
एंटी सबोटाज टीम द्वारा पर्व प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर परिसर, छतों, नालियों, विद्युत कक्षों और आसपास के भवनों की जांच कर क्लियरेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बिना क्लियरेंस किसी भी क्षेत्र में आमजन का प्रवेश नहीं कराया जाएगा। बैग, थैले और अन्य सामान की जांच के लिए पृथक व्यवस्था की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन की चरणबद्ध योजना
संभावित भीड़ के आकलन के आधार पर चरणबद्ध बैरिकेडिंग योजना लागू की जाएगी। मुख्य मार्ग, सहायक मार्ग और होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गए हैं। भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग तत्काल सक्रिय किए जाएंगे। कतारबद्ध दर्शन प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि धक्का मुक्की की स्थिति उत्पन्न न हो।
घाटों और संकरे मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। महिला, वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे। बच्चों के खोने की स्थिति से निपटने के लिए मिसिंग पर्सन हेल्प डेस्क भी बनाया जाएगा।
यातायात डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था
पर्व के दौरान लागू होने वाले डायवर्जन प्लान का व्यापक प्रचार स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से किया जाएगा। नो व्हीकल जोन में निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं, जहां से शटल सेवा या पैदल मार्ग की व्यवस्था की जाएगी।
एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित किया जाएगा। अवैध पार्किंग पाए जाने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पैदल श्रद्धालुओं के लिए पृथक सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जाएगा।
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
मंदिर परिसर, यात्रा मार्ग, घाटों और पार्किंग स्थलों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की तकनीकी जांच कर उन्हें पूर्ण रूप से सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। कंट्रोल रूम में अनुभवी कर्मियों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल फील्ड यूनिट को सूचित किया जाएगा।
भीड़ के वास्तविक समय आकलन हेतु ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा। ड्रोन फुटेज के आधार पर भीड़ घनत्व का विश्लेषण कर अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।
अफवाह निरोधक और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को 24 घंटे सक्रिय रखा जाएगा। भ्रामक, उत्तेजक या सांप्रदायिक पोस्ट की पहचान कर डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किया जाएगा और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकृत पुलिस हैंडल से समय समय पर सत्यापित सूचना साझा की जाएगी।
आपदा प्रबंधन और चिकित्सा व्यवस्था
प्रमुख स्थलों पर अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएंगे। एम्बुलेंस को रणनीतिक स्थानों पर तैनात कर वायरलेस से जोड़ा जाएगा। अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय कर फायर टेंडर उपलब्ध रहेंगे। भगदड़ या आग जैसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने और विद्युत सुरक्षा के निर्देश
यात्रा मार्ग, घाटों और मंदिर परिसर के आसपास अतिक्रमण चिन्हित कर तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। खुले और झूलते विद्युत तारों का सर्वेक्षण कर संबंधित विभाग को समयबद्ध कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है। अस्थायी दुकानों और जनरेटर कनेक्शन की तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाएगी।
उत्तरदायित्व निर्धारण और सतत सुपरविजन
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का विस्तृत ड्यूटी चार्ट जारी किया जाएगा। ड्यूटी से पूर्व अनिवार्य ब्रीफिंग कर भीड़ प्रबंधन, आपात प्रतिक्रिया और आचरण संबंधी निर्देश दिए जाएंगे। प्रत्येक सेक्टर में एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रभारी नियुक्त किया जाएगा, जो सीधे निगरानी करेगा।
जनसामान्य से अपील
कमिश्नरेट वाराणसी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें, कतार व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। बच्चों, वृद्धजनों और महिलाओं का विशेष ध्यान रखें तथा अतिक्रमण या अवैध पार्किंग से बचें।
अपर पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूर्ण सतर्कता, अनुशासन और समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
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