वाराणसी: रोहनिया में दुकान बंद कर घर लौट रहे कारोबारी को मारी गोली, ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान मौत
वाराणसी: रोहनिया थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात हुई गोलीकांड की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अवलेशपुर स्थित सौरभ विहार कॉलोनी निवासी और स्थानीय व्यवसायी जितेंद्र कुमार पटेल की अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें पहले निजी अस्पताल और बाद में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया जबकि पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
दुकान बंद कर घर लौटते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय जितेंद्र कुमार पटेल अवलेशपुर क्षेत्र में लकी स्टोर्स नाम से दुकान संचालित करते थे। सोमवार रात वह रोज की तरह अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि घर से लगभग 500 मीटर पहले ही घात लगाए बैठे दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बना लिया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार दोनों हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। जैसे ही जितेंद्र सुनसान स्थान के पास पहुंचे, बदमाशों ने पीछे से उन पर गोली चला दी। गोली उनकी पीठ में लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
गोली लगने के बाद भी हिम्मत नहीं हारे जितेंद्र
घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि गोली लगने के बावजूद जितेंद्र कुमार पटेल ने साहस नहीं खोया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने मोटरसाइकिल चलाते हुए किसी तरह अपने घर तक पहुंचने में सफलता हासिल की। घर पहुंचते ही उन्होंने अपनी माता सुदामा देवी को बताया कि बाइक सवार दो लोगों ने उन्हें गोली मार दी है।
परिजनों ने देखा कि उनकी पीठ से लगातार खून बह रहा था। इसके बाद परिवार के लोगों ने बिना समय गंवाए उन्हें उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। बाद में परिजन उन्हें वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में मचा कोहराम
जितेंद्र कुमार पटेल की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी पत्नी रीनू देवी, माता सुदामा देवी तथा अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों के अनुसार जितेंद्र व्यवहार कुशल और मिलनसार व्यक्ति थे।
मृतक अपने परिवार के प्रमुख सदस्य थे। उनके दो पुत्र अतुल उर्फ लकी और आयुष हैं। परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार के सभी सदस्यों के बीच सम्मानित माने जाते थे।
जमीन विवाद के पहलू पर भी हो रही जांच
घटना के बाद पुलिस ने हत्या के पीछे संभावित कारणों की तलाश शुरू कर दी है। मृतक की माता सुदामा देवी ने बताया कि परिवार की एक जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। उनके अनुसार परिवार के मोहन पटेल की लगभग तीन बीघा जमीन चंदौली जिले के मुरेराडीह पांडेयपुर बबुरी क्षेत्र में स्थित थी। उस जमीन पर एक यादव परिवार खेती करता था।
परिवार का आरोप है कि खेत की नापी कराने के नाम पर दस्तखत कराकर जमीन अपने नाम करवा ली गई थी। इस मामले को लेकर न्यायालय में मुकदमा भी चल रहा है। हालांकि परिजनों का कहना है कि वर्तमान समय में उनका किसी से प्रत्यक्ष विवाद नहीं था।
पुलिस सभी पहलुओं पर कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच अधिकारी हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच विभिन्न बिंदुओं पर की जा रही है। पारिवारिक, व्यावसायिक और भूमि विवाद समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। जल्द ही घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।
इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल
घर लौट रहे कारोबारी की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से रोहनिया और अवलेशपुर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों द्वारा इस प्रकार की वारदात को अंजाम देना चिंता का विषय है। लोग पुलिस से शीघ्र खुलासा और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा बनी हुई है और पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
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