वाराणसी: अर्दली बाजार स्थित सुविधा साड़ी फर्म से लगभग 70 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी कर गबन करने वाले 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पांच वर्षों से फरार चल रहा यह अभियुक्त पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा, लेकिन तकनीकी निगरानी और सतत प्रयासों के बाद कैंट थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित मामले में कानून की पकड़ एक बार फिर मजबूत होती दिखाई दी है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सौरभ गुप्ता उम्र लगभग 40 वर्ष पुत्र राजेश कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वर्तमान में वह हरियाणा के गुरुग्राम जनपद के थाना सिविल लाइन अंतर्गत पटेल नगर क्षेत्र में रह रहा था, जबकि उसका मूल निवास वाराणसी के थाना आदमपुर क्षेत्र स्थित गंगा नगर कॉलोनी बताया गया है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त लंबे समय से अपनी पहचान और ठिकाने बदल कर फरारी काट रहा था, ताकि गिरफ्तारी से बचा रह सके।
इस पूरे मामले की शुरुआत आठ सितंबर 2021 को हुई थी, जब सुविधा साड़ी फर्म के मालिक देवानंद सेवारमानी सप्पू ने थाना कैंट में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया था कि फर्म में मैनेजर और अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत सौरभ गुप्ता ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर एक फर्जी फर्म खड़ी की। इसके बाद माल के भुगतान और लेनदेन के नाम पर सुनियोजित तरीके से लगभग 70 लाख रुपये की रकम का गबन कर लिया गया। मामला उजागर होने के बाद से ही अभियुक्त फरार हो गया था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
लगातार फरारी और गिरफ्तारी से बचने के प्रयासों को देखते हुए पुलिस ने अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रभारी निरीक्षक कैंट शिवाकांत मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने सर्विलांस सेल की मदद से अभियुक्त की लोकेशन ट्रेस की। तकनीकी साक्ष्यों और इनपुट के आधार पर 18 जनवरी 2026 की शाम करीब छह बजे थाना सिविल लाइन, गुरुग्राम क्षेत्र से अभियुक्त को दबोच लिया गया।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ थाना कैंट में दर्ज मुकदमा संख्या 0479/21 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 409 में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त से पूछताछ कर उसके अन्य साथियों और गबन की गई राशि से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।
यह गिरफ्तारी न सिर्फ वाराणसी पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि आर्थिक अपराध करने वाले कितने भी समय तक बचने की कोशिश कर लें, कानून से बच पाना संभव नहीं है। पुलिस ने आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे लेनदेन में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
