वाराणसी में 491 महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड पहली ड्यूटी में संभालेंगी प्रधानमंत्री की सुरक्षा
ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना पुलिस लाइंस मैदान
वाराणसी: पुलिस लाइंस मैदान में रविवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर दर्ज किया गया जब 491 महिला आरक्षियों ने कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पासिंग आउट परेड के माध्यम से औपचारिक रूप से पुलिस बल में प्रवेश किया। यह आयोजन केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं बल्कि अनुशासन समर्पण और सेवा भावना के साथ नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक रहा। परेड की सलामी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने ली और नवप्रशिक्षित सिपाहियों के तालमेल और प्रदर्शन की सराहना की।
पहली ही ड्यूटी में प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा
इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि इन सभी 491 महिला सिपाहियों को उनकी पहली ही ड्यूटी के रूप में प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जाएगा। वाराणसी में प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान ये सिपाही सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगी। यह अवसर उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में एक अलग स्थान रखता है क्योंकि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नव नियुक्त महिला सिपाहियों को सीधे महत्वपूर्ण सुरक्षा दायित्व सौंपा जा रहा है।
अनुशासन और समन्वय का प्रदर्शन
परेड में कुल 18 टोलियों का गठन किया गया था जिन्होंने अपने कमांडरों के नेतृत्व में संतुलित कदमताल और अनुशासित प्रदर्शन किया। सभी सिपाहियों ने कर्तव्यनिष्ठा ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण की शपथ ली। उनका प्रदर्शन यह दर्शाता है कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हैं और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ कर सकेंगी।
उत्कृष्ट सिपाहियों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला सिपाहियों को सम्मानित किया गया। परेड कमांडर रेनू को प्रथम स्थान रोशनी गुप्ता को द्वितीय और रोशनी देवी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों को भी उनके अनुशासन और मेहनत के लिए सराहा गया।
मुख्यमंत्री का वर्चुअल संदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए अनुशासन को पुलिस बल की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान की गई मेहनत भविष्य में कर्तव्य निर्वहन के समय काम आती है। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।
प्रशिक्षण को बताया गया मजबूत आधार
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण अवधि किसी भी पुलिसकर्मी के जीवन की नींव होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी महिला सिपाही अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा के साथ करेंगी और विभिन्न स्थानों पर तैनाती के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देंगी।
टीम भावना को मिला बल
परेड से पहले आयोजित सामूहिक भोजन कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर ने महिला सिपाहियों के साथ संवाद किया। इस दौरान सिपाहियों ने अपने अनुभव साझा किए और एक सकारात्मक माहौल देखने को मिला जिससे टीम भावना को मजबूती मिली।
महिला सशक्तिकरण का उदाहरण
यह आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। बड़ी संख्या में महिला सिपाहियों की नियुक्ति और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपना यह संकेत देता है कि पुलिस बल में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
नई जिम्मेदारियों की शुरुआत
वाराणसी से अपनी सेवा की शुरुआत करने वाली ये महिला सिपाही अब अपने कर्तव्यों की नई यात्रा पर निकल चुकी हैं। उनकी पहली ही ड्यूटी महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारी से जुड़ी होना उनके लिए एक बड़ी शुरुआत मानी जा रही है। यह अवसर उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनने के साथ साथ आने वाले समय में उनके कार्य प्रदर्शन की दिशा भी तय करेगा।
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