पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में हिंसा और हंगामे की घटनाएं, कई इलाकों में तनाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी हंगामा, हिंसा और तनाव की स्थिति देखने को मिली। विभिन्न जिलों से ईवीएम में गड़बड़ी, राजनीतिक दलों के बीच झड़प, आरोप-प्रत्यारोप और मतदाताओं के विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियां हालात को नियंत्रित करने में जुटी रहीं, जबकि कई स्थानों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
नोआपाड़ा में डमी ईवीएम का आरोप
नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के मायापल्ली इलाके में भाजपा प्रत्याशी और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बूथ नंबर 82 और 83 के बाहर नकली यानी डमी ईवीएम मशीनें रखी गई थीं। उनका दावा है कि यह मतदाताओं को भ्रमित करने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश हो सकती है। इस आरोप के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है।
फलता में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप
दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र में भी स्थिति तनावपूर्ण रही। यहां भाजपा प्रत्याशी देवांशु पांडा ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इस आरोप के बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया।
बाली में ईवीएम खराब होने पर मतदाताओं का विरोध
हावड़ा जिले के बाली इलाके में स्थित डॉन बॉस्को स्कूल के मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीन खराब होने की खबर सामने आई। इसके बाद मतदान बाधित हो गया और मतदाताओं में आक्रोश फैल गया। लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मतदान केंद्र के बाहर हंगामा होने लगा। हालात बिगड़ते देख केंद्रीय सुरक्षा बलों को बुलाया गया, जिन्होंने भीड़ को नियंत्रित कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया।
नादिया में पोलिंग एजेंट पर हमला
नादिया जिले के चापड़ा क्षेत्र से एक गंभीर हिंसक घटना सामने आई, जहां भाजपा के पोलिंग एजेंट मोशर्रफ मिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। भाजपा ने इस हमले के लिए विरोधी दल के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पनिहाटी में प्रत्याशी को घेरने की घटना
पनिहाटी क्षेत्र में एक और विवादास्पद घटना सामने आई, जहां आरजी कर रेप-मर्डर केस की पीड़िता की मां और भाजपा प्रत्याशी रत्ना देबनाथ को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और प्रत्याशी को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
भवानीपुर सीट पर भी झड़प
वीआईपी मानी जाने वाली भवानीपुर सीट से भी झड़प की खबर सामने आई है। यहां भाजपा प्रत्याशी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और टकराव हुआ। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के एक पोलिंग बूथ पर पहुंचने के दौरान यह विवाद बढ़ा। हालांकि सुरक्षा बलों की मौजूदगी के चलते स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव आयोग की भूमिका
चुनाव के दौरान बढ़ती घटनाओं को देखते हुए चुनाव आयोग ने सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक माहौल में बढ़ती तल्खी
इन घटनाओं ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिससे तनाव और बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं और मतदाताओं के विश्वास पर भी असर डालती हैं।
फिलहाल प्रशासन और चुनाव आयोग स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटे हैं, जबकि पूरे राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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