बिजनौर: धामपुर में महिला लेखपाल पर रिश्वत के आरोप, वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल; प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
बिजनौर(धामपुर): आज बुधवार को जनपद बिजनौर की धामपुर तहसील क्षेत्र के गांव सेड़ी से जुड़ा एक कथित वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक महिला लेखपाल और उसके साथ मौजूद एक युवक पर बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की अनुमति के नाम पर कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और प्रशासन ने इसे जांच का विषय बताया है।
वायरल वीडियो में पैसे लेने का आरोप
वायरल हो रहे वीडियो में एक कमरे के भीतर महिला लेखपाल अपने एक सहयोगी युवक के साथ बैठी दिखाई देती हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति, जो खुद को मीडियाकर्मी बता रहा है, उनसे पैसे लेने का आरोप लगाते हुए वीडियो रिकॉर्ड करता नजर आता है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि जैसे ही रिश्वत का मुद्दा उठता है, दोनों मोबाइल छीनने का प्रयास करते हैं। इसी बीच साथ बैठा युवक कथित तौर पर 500 500 रुपये के नोट कमरे के दरवाजे के पीछे फेंकता हुआ दिखाई देता है। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है।
प्रतिमा स्थापना के नाम पर लेनदेन का आरोप
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि गांव में बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए राजस्व विभाग की रिपोर्ट आवश्यक थी, जिसके एवज में कथित रूप से पैसे की मांग की गई। आरोप है कि यह रकम महिला लेखपाल के साथ आए युवक, जिसे उनका करीबी बताया जा रहा है, ने अपने पास रखी थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो कब का है और इसे किसने रिकॉर्ड किया। इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष द्वारा तहसील प्रशासन को कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
प्रशासनिक स्तर पर इस प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। धामपुर तहसील के तहसीलदार धनराज सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं संबंधित क्षेत्र की एसडीएम स्मृति मिश्रा के अवकाश पर होने के कारण फिलहाल जांच की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को सौंपी गई है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर फिर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को रेखांकित किया है। हालांकि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल प्रशासन की नजर इस मामले पर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
इस वायरल वीडियो की न्यूज रिपोर्ट पुष्टि नहीं करता है। समाचार उपलब्ध जानकारी और प्रशासनिक बयान के आधार पर तैयार किया गया है।
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