काशी से गूंजा नारी शक्ति का संदेश पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला महिलाओं के अधिकारों पर बड़ा संकल्प
हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक संबोधन
वाराणसी: आध्यात्मिक नगरी काशी एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर हर महादेव के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आस्था विकास और नारी सशक्तिकरण का संगम बन गया। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स मैदान में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में हजारों की संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को जनशक्ति के विराट प्रदर्शन में बदल दिया।
महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा चालीस साल की राजनीति पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिला आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चार दशकों तक महिला आरक्षण का मुद्दा केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित रहा लेकिन उनकी सरकार ने इसे जमीन पर उतारने का साहस दिखाया। वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति अभिनंदन कानून को उन्होंने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब इसे लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने समाजवादी पार्टी कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक जैसे दलों पर आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने वर्षों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दल नारी शक्ति से घबराते हैं और उन्हें डर है कि जब महिलाएं संसद और विधानसभाओं में पहुंचेंगी तो उनकी राजनीति की जमीन खिसक जाएगी।
पचास हजार महिलाओं की मौजूदगी चवालीस महिलाओं को मंच पर सम्मान
सम्मेलन में करीब पचास हजार महिलाओं की उपस्थिति ने इसे अभूतपूर्व बना दिया। प्रधानमंत्री खुले वाहन में सभा स्थल तक पहुंचे और रास्ते भर महिलाओं ने उनका स्वागत किया। मंच पर विभिन्न क्षेत्रों जैसे राजनीति स्वास्थ्य शिक्षा स्वयं सहायता समूह और सामाजिक सेवा से जुड़ी चवालीस महिलाओं को स्थान देकर सम्मानित किया गया। यह दृश्य नारी शक्ति के बढ़ते आत्मविश्वास और भागीदारी का प्रतीक बन गया।
छह हजार तीन सौ पचास करोड़ की परियोजनाओं की सौगात विकास को मिली नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने काशी को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए छह हजार तीन सौ पचास करोड़ रुपये की एक सौ तिरसठ परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें आधुनिक आधारभूत संरचना स्वास्थ्य सुविधाओं और कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार और नए पुल जैसी परियोजनाएं शहर के विकास को नई दिशा देने वाली हैं।
नई ट्रेनों की शुरुआत कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। एक ट्रेन वाराणसी से पुणे के बीच चलेगी जबकि दूसरी अयोध्या से मुंबई के लिए शुरू की गई है। इन ट्रेनों से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी। काशी और अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच बेहतर संपर्क देश की सांस्कृतिक एकता को और सुदृढ़ करेगा।
नारी शक्ति विकसित भारत की आधारशिला
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका केवल महत्वपूर्ण ही नहीं बल्कि निर्णायक है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा विज्ञान उद्यमिता रोजगार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उनकी बढ़ती भागीदारी देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ साथ सामाजिक परिवर्तन की नींव भी मजबूत कर रही है।
स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी का जिक्र
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश की लगभग दस करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं जिनमें से तीन करोड़ से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन चुकी हैं। उन्होंने इसे ग्रामीण भारत में आर्थिक आत्मनिर्भरता का संकेत बताया और कहा कि यह बदलाव एक बड़े सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बेटियों के भविष्य को सुरक्षित कर रही योजनाएं
सुकन्या समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। परिवार अब बेटियों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए योजनाबद्ध बचत कर पा रहे हैं जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने काशी की महिमा का वर्णन करते हुए इसे माता श्रृंगार गौरी अन्नपूर्णा विशालाक्षी और मां गंगा की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं बल्कि भारत की आत्मा है जहां आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह नगरी पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं का संबोधन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देने के प्रयासों को कई बार बाधित किया गया। अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखते हुए सरकार की योजनाओं को महिलाओं के सशक्तिकरण का आधार बताया।
विकास यात्रा का अगला चरण
प्रधानमंत्री का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पिछले ग्यारह वर्षों में यह उनका चौवनवां काशी दौरा है जो इस क्षेत्र से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। अपने कार्यक्रम के अगले चरण में वे हरदोई जाएंगे जहां गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे जो मेरठ से प्रयागराज तक प्रदेश के विकास को नई गति देगा।
नारी सशक्तिकरण का मजबूत संदेश
काशी की धरती से दिया गया यह संदेश केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रहा बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक स्पष्ट संकेत बनकर उभरा। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को अब केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की भागीदार बनाया जा रहा है। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में देश की प्रगति का आधार नारी शक्ति ही होगी और काशी से उठी यह आवाज अब पूरे देश में गूंजेगी।
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