वाराणसी में मनीष सिंह हत्याकांड पर सियासी उबाल लोजपा (रामविलास) ने उठाई न्याय की बुलंद आवाज
वाराणसी: ग्रामीण क्षेत्र में हुए मनीष सिंह हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद जहां स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है वहीं राजनीतिक दलों ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए न्याय की मांग तेज कर दी है। इसी क्रम में लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को घमहापुर गांव पहुंचा और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
प्रदेश संगठन सचिव अभिनव श्रीवास्तव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत मनीष सिंह के परिजनों से विस्तृत बातचीत की। इस दौरान परिवार का दर्द और हालात देख माहौल भावुक हो गया। छोटे बच्चों की स्थिति और परिवार के भविष्य को लेकर अनिश्चितता ने सभी को व्यथित कर दिया। प्रतिनिधिमंडल में वाराणसी स्नातक खंड के प्रभारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव मंडल अध्यक्ष विशाल सिंह रघुवंशी जिलाध्यक्ष राज सिंह नीरज विमलेश जैन सुनील जैन विनोद तिवारी महाराज सुधीर तिवारी और ऐश अली सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
निर्मम हत्या पर जताया आक्रोश
परिवार से मुलाकात के बाद अभिनव श्रीवास्तव ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक शांत और साधारण जीवन जीने वाले व्यक्ति की उसके ही गांव में ईंट से कूचकर हत्या कर दी गई वह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मनीष सिंह पहले ही अपने माता पिता को खो चुके थे और अब उनके निधन के बाद उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे पूरी तरह असहाय स्थिति में आ गए हैं।
सरकार से रखी तीन प्रमुख मांगें
लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास ने इस मामले में सरकार और प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग पीड़ित परिवार को तत्काल पांच करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है। दूसरी मांग मृतक की पत्नी को उनके गृह जनपद में सरकारी नौकरी देने की है ताकि परिवार का भरण पोषण सुनिश्चित हो सके। तीसरी मांग दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दो महीने के भीतर कठोर सजा दिलाने की है जिससे न्याय में देरी न हो और समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए।
न्याय मिलने तक संघर्ष का ऐलान
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी न्याय मिलने तक लगातार इस मामले को उठाती रहेगी और यदि आवश्यकता पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना था कि इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
गांव में भय और आक्रोश का माहौल
घटना के बाद से घमहापुर गांव में भय और गुस्से का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटना ने क्षेत्र में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है और लोग अपने आपको असहज महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस हत्याकांड के बाद प्रशासन पर तेजी से कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है। लोगों की नजर अब पुलिस और प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी है कि कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित किया जाता है।
यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है बल्कि यह कानून व्यवस्था सामाजिक न्याय और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में है और पूरा क्षेत्र इस दर्दनाक घटना के बाद संवेदनाओं से भरा हुआ है।
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