काशी में प्रधानमंत्री का दिव्य स्वागत आस्था उत्साह और अभूतपूर्व जनसैलाब के बीच विश्वनाथ धाम पहुंचे नरेंद्र मोदी
काशी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय वाराणसी दौरे का दूसरा दिन काशी की आध्यात्मिक गरिमा और जनउत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना। अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे प्रधानमंत्री ने बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन किया। बरेका से मंदिर तक उनका रोड शो किसी साधारण राजनीतिक कार्यक्रम से कहीं बढ़कर जनआस्था और श्रद्धा का विराट उत्सव बन गया जहां काशी ने अपने सांसद का दिल खोलकर स्वागत किया।
सुबह से ही शहर की सड़कों पर उत्साह का माहौल था। बरेका से शुरू हुआ प्रधानमंत्री का काफिला जैसे जैसे मंडुवाडीह पुलिस लाइन लहुराबीर मैदागिन और चौक से होकर आगे बढ़ा वैसे वैसे जनसमूह का उत्साह चरम पर पहुंचता गया। रास्ते में छह प्रमुख स्थानों पर भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। ढोल नगाड़ों की गूंज शंखनाद और हर हर महादेव के जयकारों से पूरा शहर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
विश्वनाथ धाम में पारंपरिक स्वागत और वैदिक अनुष्ठान
काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत पारंपरिक अंदाज में किया गया। जैसे ही वे वाहन से उतरे डमरुओं की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। मंदिर के गर्भगृह में प्रधानमंत्री ने षोडशोपचार विधि से विधिवत पूजन किया जिसमें पंडित ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजा संपन्न कराई। इस दौरान पूरे परिसर में इक्यावन ब्राह्मणों द्वारा शंखध्वनि की अनुगूंज सुनाई देती रही जिसने वातावरण को और अधिक दिव्य बना दिया।
धाम परिसर का भ्रमण और श्रद्धालुओं से संवाद
पूजन के उपरांत प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का भ्रमण किया और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान वे आम श्रद्धालुओं के बीच भी पहुंचे और गेट नंबर चार पर मौजूद काशीवासियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े थे जिनके चेहरों पर खुशी और गर्व स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
बच्चों के साथ आत्मीय क्षण
धाम परिसर में प्रधानमंत्री का सहज और आत्मीय रूप भी देखने को मिला। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत की उनसे सवाल पूछे और उनकी प्रतिक्रियाओं पर मुस्कुराते नजर आए। बच्चों के लिए यह अनुभव विशेष रहा। वहीं बनारस रेलवे स्टेशन के सामने स्वागत स्थल पर पहुंचे स्कूली बच्चों ने हाथों में संदेश लिखे पोस्टर और छोटे उपहार लेकर प्रधानमंत्री के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया।
आस्था के प्रतीकों के साथ अभिवादन
इस दौरान प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर भक्तों का अभिवादन किया जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना। काशी के इस आध्यात्मिक प्रतीक के माध्यम से उन्होंने बाबा विश्वनाथ के प्रति अपनी आस्था और जनता से अपने जुड़ाव को सहज रूप में व्यक्त किया।
मार्ग में भव्य स्वागत और सांस्कृतिक झलकियां
लहुराबीर चौराहे पर एनसीसी कैडेट्स महिला समूहों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। पूरे मार्ग पर जगह जगह सांस्कृतिक झलकियां देखने को मिलीं जिससे यह आयोजन एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेता गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच भी आम जनमानस का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग घंटों तक सड़कों के किनारे खड़े रहकर अपने प्रधानमंत्री का स्वागत करते रहे।
काशी और प्रधानमंत्री के बीच आत्मीय संबंध
करीब एक वर्ष बाद काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा प्रशासनिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। यह काशी और उसके सांसद के बीच गहरे आत्मीय संबंधों का जीवंत उदाहरण भी बना। जिस तरह काशीवासियों ने उनका स्वागत किया वह इस बात का संकेत है कि यहां के लोगों के दिलों में अपने प्रतिनिधि के प्रति विशेष स्थान है।
यह आयोजन एक बार फिर यह दर्शाता है कि काशी केवल एक शहर नहीं बल्कि आस्था संस्कृति और जनभावनाओं का संगम है जहां हर आगमन एक उत्सव का रूप ले लेता है और जब यह अवसर देश के प्रधानमंत्री से जुड़ा हो तो उसका स्वरूप और भी भव्य और स्मरणीय बन जाता है।
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