तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन अभिनेता से मुख्यमंत्री बने थलपति विजय नौ मंत्रियों के साथ ली शपथ
तमिलनाडु: देश की राजनीति में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया जब तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कड़गम प्रमुख सी जोसेफ विजय ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विजय के साथ उनकी सरकार के नौ मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया। शपथ लेते ही स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थकों ने तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया।
तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य में लंबे समय से द्रमुक और अन्नाद्रमुक का राजनीतिक प्रभाव रहा है। तमिलगा वेत्री कड़गम के नेतृत्व में बनी नई सरकार को वीसीके आईयूएमएल कांग्रेस और वामदलों के समर्थन के बाद बहुमत मिला। बताया जा रहा है कि समर्थन पत्र मिलने के बाद विजय ने नौ मई को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए तेरह मई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया।
शपथ समारोह में जुटीं बड़ी राजनीतिक हस्तियां
चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस अवसर पर पहुंचे। परंपरा के अनुसार निवर्तमान मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। सुबह से ही स्टेडियम के बाहर और आसपास बड़ी संख्या में विजय समर्थकों की भीड़ जुटी रही। जैसे ही विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली पूरा परिसर उत्साह और नारों से गूंज उठा।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि पहले शपथ ग्रहण समारोह दोपहर बाद आयोजित होने वाला था लेकिन बाद में इसका समय बदलकर सुबह दस बजे कर दिया गया। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री बनते ही किए बड़े फैसले
मुख्यमंत्री पद संभालते ही विजय ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत देना शुरू कर दिया। उन्होंने राज्य के लोगों को दो सौ यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और नशे के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स के गठन से जुड़ी फाइलों पर हस्ताक्षर किए। अपने पहले संबोधन में विजय ने कहा कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते और जनता के भरोसे ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेगी।
विजय ने यह भी कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि तमिलनाडु के लोगों के जीवन में बदलाव लाना है। उन्होंने युवाओं रोजगार शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।
श्रीलंका से भी आई प्रतिक्रिया
विजय के मुख्यमंत्री बनने पर पड़ोसी देश श्रीलंका से भी प्रतिक्रिया सामने आई। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने सामाजिक मंच एक्स पर विजय को बधाई देते हुए भारत और श्रीलंका के संबंधों को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते दोनों क्षेत्रों की साझा विरासत का हिस्सा हैं।
नई सरकार में युवा और नए चेहरों को मौका
नई सरकार में कई नए और युवा चेहरों को जगह दी गई है। उनतीस वर्षीय एस कीर्तना सबसे युवा मंत्री बनी हैं। शिवकाशी सीट से जीतकर आईं कीर्तना को तमिलगा वेत्री कड़गम का उभरता चेहरा माना जा रहा है। वहीं कराईकुडी से विधायक और पेशे से डेंटिस्ट डॉ टीके प्रभु को भी पहली बार मंत्री बनाया गया है। टीवीके के प्रचार सचिव और अभिनेता निर्देशक राजमोहन को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
इसके अलावा टीवीके महासचिव केजी अरुणराज वरिष्ठ नेता केए सेंगोट्टैयन विजय के पूर्व मैनेजर पी वेंकटरामनन आर निर्मलकुमार और आधव अर्जुन ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें कई ऐसे नेता हैं जो पहले अन्य राजनीतिक दलों में सक्रिय रह चुके हैं और अब विजय की सरकार का हिस्सा बने हैं।
परिवार ने जताई खुशी
विजय के पिता और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक एस ए चंद्रशेखर ने बेटे के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह केवल उनके परिवार की नहीं बल्कि तमिल लोगों की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि विजय जनता के भरोसे पर खरे उतरेंगे और राज्य के विकास के लिए काम करेंगे।
नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां
तमिलनाडु में बनी यह नई सरकार केवल राजनीतिक बदलाव नहीं बल्कि राज्य की राजनीति में नई दिशा के रूप में देखी जा रही है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारने और गठबंधन सहयोगियों के बीच संतुलन बनाए रखने की होगी। आने वाले दिनों में विधानसभा में होने वाला विश्वास मत इस नई सरकार की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
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