वाराणसी: रामनगर में अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों पर भड़के सपाई, पीएसी तिराहे पर जमकर हुआ विरोध
वाराणसी: रामनगर में रविवार को उस समय राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया जब पीएसी तिराहे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। समाजवादी पार्टी नेताओं ने इसे केवल पोस्टरबाजी की घटना नहीं बल्कि पिछड़ों दलितों अल्पसंख्यकों और गरीबों की आवाज को दबाने की राजनीतिक साजिश करार दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और पोस्टरों को हटाकर विरोध प्रदर्शन किया।
समाजवादी पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदेश में पीडीए की बढ़ती राजनीतिक ताकत और जनता के बीच अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता से विरोधी दल घबराए हुए हैं। इसी कारण अब राजनीतिक मुद्दों पर जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमलों और छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। सपा नेताओं ने कहा कि रामनगर के व्यस्त पीएसी तिराहे पर लगाए गए पोस्टर लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की राजनीति पर हमला हैं।
सपा नेताओं ने भाजपा पर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष पिछड़ा प्रकोष्ठ विवेक राकी ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता स्मार्ट मीटर महंगाई बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर सवाल पूछ रही है तब सत्ता पक्ष मुद्दों से बचने के लिए विरोधियों को बदनाम करने की राजनीति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में पोस्टपेड स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदलने के फैसले का समाजवादी पार्टी ने लगातार विरोध किया था। जनता और समाजवादी कार्यकर्ताओं के दबाव के बाद सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। सपा नेताओं का कहना है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर घिरने के बाद अब ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस की मौजूदगी में हटाए गए पोस्टर
पोस्टर लगाए जाने की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पीएसी तिराहे पर पहुंच गए। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। कार्यकर्ताओं ने पुलिस की निगरानी में आपत्तिजनक पोस्टरों को हटाया और उन्हें फाड़कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक नारों की गूंज सुनाई देती रही और काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक लड़ाई विचारों और मुद्दों के आधार पर होनी चाहिए न कि इस तरह की अशोभनीय हरकतों से। उनका कहना था कि समाजवादी आंदोलन हमेशा सामाजिक न्याय भाईचारे और संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ता आया है और आगे भी लड़ता रहेगा।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन
घटना के बाद समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने रामनगर थाना प्रभारी राजकिशोर पांडे को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी।
महानगर अध्यक्ष महिला सभा संगीता पटेल और लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सौरभ आनंद ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर जिस तरह की भाषा और तरीके अपनाए जा रहे हैं वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में मणि शंकर इंजामुल खान हमजा खान मनीष यादव उमेश यादव समेत समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान रामनगर का राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और पीएसी तिराहा लंबे समय तक राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
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