झांसी में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 64 वर्षीय रिटायर्ड रेलकर्मी ने अपनी 27 साल छोटी लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव के कई टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए करीब सात दिनों तक एक-एक अंग जलाता रहा। बदबू बाहर न फैले, इसलिए वह रोजाना अंगों को जलाकर घर के भीतर ही राख और अधजले अवशेष रखता रहा।
घटना शनिवार देर रात उजागर हुई, जब आरोपी अधजले अंगों, हड्डियों और राख को एक नीले लोहे के बॉक्स में भरकर ठिकाने लगाने जा रहा था। उसने एक लोडर ऑटो बुक किया और बॉक्स को उसमें लदवाकर सैंयर गेट के अंदर फूटा चौपड़ा मोहल्ले की ओर रवाना हुआ। यह वही इलाका है, जहां उसकी दूसरी पत्नी रहती है।
लोडर में रखा बॉक्स पानी टपकने और तेज बदबू के कारण चालक और स्थानीय लोगों को संदिग्ध लगा। रात करीब दो बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। जब बॉक्स को खोला गया, तो उसके अंदर अधजले मानव अंग, हड्डियां और राख मिलीं, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
पुलिस जांच में मृतका की पहचान प्रीति (37) के रूप में हुई है। वह सीपरी बाजार क्षेत्र के बह्म नगर में आरोपी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। आरोपी नंदनपुरा का रहने वाला है और रेलवे से सेवानिवृत्त हो चुका है। वह पहले ही दो शादियां कर चुका था। प्रीति तीसरी महिला थी, जिसके साथ वह रह रहा था। पुलिस के अनुसार, करीब छह साल पहले राम सिंह की ड्यूटी एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर थी। उसी दौरान पास के बंगले में काम करने आने वाली प्रीति से उसकी मुलाकात हुई। यह जान-पहचान धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। प्रीति के तीन बच्चे थे, लेकिन वह पति और बच्चों को छोड़कर राम सिंह के साथ रहने लगी।
शुरुआत में आरोपी प्रीति की आर्थिक मांगें पूरी करता रहा, लेकिन समय के साथ उसकी मांगें बढ़ती चली गईं। इससे वह परेशान रहने लगा और इसी तनाव के बीच उसने हत्या की साजिश रच दी। पुलिस का कहना है कि राम सिंह ने बह्म नगर के पहाड़ी इलाके में अपने एक रिश्तेदार का मकान करीब 20 दिन पहले किराए पर लिया था। करीब सात दिन पहले वह प्रीति को वहां ले गया और उसी मकान में उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव के कई टुकड़े किए और उन्हें तिरपाल में लपेटकर रखा। इसके बाद रोजाना एक-एक अंग को जलाता रहा। जब उसे लगा कि अब अवशेषों को ठिकाने लगाना जरूरी है, तो उसने एक बड़ा लोहे का बॉक्स खरीदा। उसी बॉक्स में अधजले अंग, राख और कोयला भर दिया। शनिवार रात उसने 400 रुपये में लोडर ऑटो बुक किया। बॉक्स को लोडर में रखवाने के बाद वह खुद उसमें नहीं बैठा और यह कहकर पीछे आने की बात कही। उसके साथ उसका बेटा नितिन और कुछ अन्य लोग थे। बॉक्स को उसकी दूसरी पत्नी गीता रायकवार के घर के बाहर रख दिया गया। काफी देर इंतजार के बावजूद जब राम सिंह नहीं आया और बॉक्स से बदबू व पानी बहने लगा, तो शक गहरा गया और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने गीता रायकवार और आरोपी के बेटों समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं मुख्य आरोपी राम सिंह परिहार फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष पुलिस टीमें बनाई गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एसपी सिटी के अनुसार, मृतका प्रीति के पहले पति राजकुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों और सबूतों को जोड़कर चार्जशीट तैयार की जाएगी।

