जनपद सोनभद्र में मानवीय संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदार पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने वाले दो पुलिसकर्मियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए “कॉप ऑफ द मंथ” सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान गुमशुदा और अपह्रत बालक बालिकाओं की सकुशल बरामदगी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
पुलिसकर्मी को कॉप ऑफ द मंथ का सम्मान
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा लापता बच्चों और व्यक्तियों की बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में मुख्य आरक्षी धनन्जय यादव पीएनओ नम्बर 112320531 एवं आरक्षी अनुराग शुक्ला पीएनओ नम्बर 192500975 ने अपनी सतर्कता, परिश्रम और संवेदनशीलता से दो अलग अलग मामलों में अपह्रत किशोरियों की सकुशल बरामदगी कर एक मिसाल कायम की।
16 वर्षीय अपह्रता को सकुशल किया था बरामद
पहले प्रकरण में मु0अ0सं0 664/20 धारा 363 भादवि के अंतर्गत दर्ज मामले में करीब 16 वर्षीय अपह्रता को दिनांक 20.01.2026 को ग्राम दाउदनगर जनपद औरंगाबाद बिहार से सकुशल बरामद किया गया। दूसरे मामले में थाना रॉबर्ट्सगंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0 799/2025 धारा 137(2) बीएनएस में करीब 17 वर्षीय अपह्रता को दिनांक 31.01.2026 को ग्राम गोदापुर थाना नेवादा से सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया।
अपह्रता के परिजनों ने की थी सराहना
इन दोनों मामलों में पुलिसकर्मियों ने न केवल तकनीकी और फील्ड इनपुट का प्रभावी उपयोग किया, बल्कि परिजनों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य किया। उनकी तत्परता के कारण परिजनों को अपने बच्चों से दोबारा मिल पाने का सुखद अवसर मिला, जिससे पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा इन दोनों पुलिसकर्मियों को “कॉप ऑफ द मंथ” प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जिम्मेदार और संवेदनशील पुलिसिंग ही समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है।
जनपद सोनभद्र पुलिस द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में भी ऐसे सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा, ताकि पुलिस बल के मनोबल में वृद्धि हो और आम नागरिकों का विश्वास पुलिस व्यवस्था पर और अधिक सुदृढ़ हो सके।
