वाराणसी के काशी जोन अंतर्गत थाना भेलूपुर क्षेत्र में चार पहिया वाहन से स्टेपनी चोरी के एक मामले में पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में अपराधों की रोकथाम और वांछित व फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के मार्गदर्शन तथा अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर और थाना प्रभारी भेलूपुर के नेतृत्व में यह सफलता प्राप्त हुई।
घटना की शुरुआत तब हुई जब एक वाहन स्वामी ने थाना भेलूपुर में लिखित प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई कि उनके टोयोटा रुमियान वाहन संख्या UP65 FL 1414 का चार पहिया अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर लिया गया है। इस तहरीर के आधार पर थाना भेलूपुर में मुकदमा संख्या 0017 वर्ष 2026 धारा 303 उपधारा 2 भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि वाहन चोरी नहीं हुआ था बल्कि वाहन की केवल एक स्टेपनी चोरी की गई थी।
जांच को आगे बढ़ाते हुए थाना भेलूपुर पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में दिनांक 05 फरवरी 2026 को पीडीआर मॉल के पास से दो संदिग्ध युवकों को चोरी की गई चार पहिया वाहन की स्टेपनी के साथ हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों युवकों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अश्विन दुबे उर्फ अश्विनी उर्फ गोलू पुत्र संतोष दुबे निवासी डी 36 66 अगस्तकुंडा थाना दशाश्वमेध वाराणसी उम्र लगभग 23 वर्ष तथा यश यादव पुत्र जगदीश यादव निवासी 34 178 गणेश महल थाना दशाश्वमेध वाराणसी उम्र लगभग 25 वर्ष के रूप में हुई है। अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की गई चार पहिया वाहन की एक स्टेपनी बरामद की गई।
बरामदगी के आधार पर थाना भेलूपुर में पंजीकृत मुकदमा संख्या 017 वर्ष 2026 में धारा 317 उपधारा 2 भारतीय न्याय संहिता की बढ़ोतरी की गई है। इस प्रकार अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 303 उपधारा 2 तथा धारा 317 उपधारा 2 बीएनएस के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार त्रिपाठी, उप निरीक्षक दिवेश, उप निरीक्षक नितेश जायसवाल, उप निरीक्षक प्रशांत पांडेय, हेड कांस्टेबल मनोज यादव तथा कांस्टेबल मृत्युंजय प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चोरी और संपत्ति से जुड़े अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
