उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स उत्तर प्रदेश को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एएनटीएफ यूनिट वाराणसी की टीम ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। बरामद की गई हेरोइन का कुल वजन 430 ग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 86 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ लखनऊ के मार्गदर्शन और निर्देशन में की गई। इसी क्रम में एएनटीएफ यूनिट वाराणसी की टीम ने 06 फरवरी 2026 को लखनऊ कमिश्नरेट क्षेत्र के थाना गोमती नगर विस्तार अंतर्गत रामआसरे परुवा से सीतापुर रोड चौराहे की ओर श्याम मोटर्स के सामने से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद खालिद पुत्र स्वर्गीय अब्दुल जब्बार निवासी मंगरवाल पोस्ट बैरोली मालिक थाना सफदरगंज जनपद बाराबंकी उम्र लगभग 55 वर्ष के रूप में हुई है। अभियुक्त के पास से 430 ग्राम अवैध मादक पदार्थ हेरोइन के साथ एक मोबाइल फोन और 500 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। इस संबंध में थाना गोमती नगर विस्तार कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा संख्या 023/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की गई है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह बाराबंकी जिले के एक व्यक्ति से सस्ते दामों पर हेरोइन खरीदता था और उसे छोटी छोटी पुड़ियों में पैक कर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में घूम घूमकर ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचता था। अभियुक्त ने यह भी बताया कि वह इस अवैध कारोबार में लंबे समय से सक्रिय था और मुनाफे के लालच में लगातार मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी आज भी हेरोइन बेचने के लिए लखनऊ जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही एएनटीएफ टीम ने उसे धर दबोचा।
इस पूरी कार्रवाई में एएनटीएफ यूनिट वाराणसी की टीम की अहम भूमिका रही। टीम में उप निरीक्षक आदित्य नारायण सिंह, मुख्य आरक्षी सुनील कुमार त्रिपाठी, मुख्य आरक्षी इंद्रजीत कुमार, आरक्षी शक्तिधर पाण्डेय और आरक्षी आशुतोष त्रिपाठी शामिल रहे। इसके अलावा साइबर सर्विलांस के माध्यम से तकनीकी सहयोग देने में एएनटीएफ मुख्यालय लखनऊ के साइबर प्रभारी उप निरीक्षक राजेश मिश्रा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज और युवाओं के लिए बेहद घातक है। ऐसे अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एएनटीएफ द्वारा आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि प्रदेश को नशामुक्त बनाया जा सके और संगठित तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
