कानपुर में अवैध रूप से ट्रक छोड़ने के आरोप में परिवहन विभाग के वरिष्ठ सहायक निलंबित
कानपुर में परिवहन विभाग के वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार दीक्षित को एक ब्लैकलिस्टेड ट्रक को नियमों के विपरीत छोड़ने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामला उस ट्रक से जुड़ा है जिसे खनन विभाग ने लंबित चालानों के साथ पकड़ा था। अधिकारियों की अनुमति के बिना वाहन को रिलीज करने पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
दो विभागों की संयुक्त कार्रवाई का निर्णय, फिर भी नियमों की अनदेखी
बताया गया कि 21 जनवरी को परिवहन आयुक्त किंजल सिंह और भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक माला श्रीवास्तव की परिवहन मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। बैठक में यह तय किया गया था कि दोनों विभाग मिलकर ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करेंगे जिन पर अवैध खनन या लंबित चालानों का मामला है।
बैठक के बाद भी एक माह के भीतर ही खनन विभाग द्वारा पकड़े गए ट्रक को परिवहन विभाग के वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार दीक्षित ने बिना सक्षम अधिकारियों की स्वीकृति के छोड़ दिया। इसे विभागीय आदेशों की अवहेलना माना गया।
पांच लाख से अधिक के लंबित चालान
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अनुसार 9 फरवरी को सूचना मिली थी कि ट्रक संख्या यूपी 71 एटी 0881 महोबा के चेक गेट से निकलकर हमीरपुर की ओर जा रहा है। इस वाहन पर 4 दिसंबर 2021 से 26 फरवरी 2022 के बीच जारी 11 चालान लंबित थे। इन चालानों की कुल राशि 5 लाख 50 हजार 400 रुपये थी।
सूचना के आधार पर खनन विभाग की टीम ने सुमेरपुर के पास ट्रक को पकड़ लिया। उस समय वाहन में गेहूं लदा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित वाहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्टेड दर्ज था।
बिना अनुमति वाहन छोड़ा गया
जांच में पाया गया कि आरटीओ कार्यालय कानपुर नगर में तैनात वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार दीक्षित ने बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के ट्रक को छोड़ दिया। ब्लैकलिस्टेड वाहन को इस प्रकार रिलीज करना नियम विरुद्ध माना गया है।
इस मामले को परिवहन मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना मानते हुए अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन संजय कुमार ने प्रदीप कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विभागीय जांच शुरू
निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है। प्रदीप कुमार दीक्षित को मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उप परिवहन आयुक्त कानपुर क्षेत्र आरआर सोनी को इस प्रकरण का जांच अधिकारी नामित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार प्रदीप कुमार दीक्षित लंबे समय से कानपुर आरटीओ कार्यालय में तैनात थे और उनके कार्यकाल के दौरान शिकायतें भी सामने आती रही हैं। विभाग अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन को किन परिस्थितियों में छोड़ा गया और क्या इसमें अन्य अधिकारियों की भी भूमिका रही है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी और राजस्व से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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