बेल्थरा रोड तहसील भवन में सफाईकर्मी का शव मिलने से प्रशासनिक महकमे में शोक
बेल्थरा रोड तहसील भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरे में शुक्रवार सुबह 55 वर्षीय सफाईकर्मी नंदलाल रावत का शव मिलने से प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर फैल गई। नंदलाल रावत पिछले लगभग 30 वर्षों से तहसील परिसर में कार्यरत थे और अपने शांत स्वभाव तथा कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए सहकर्मियों के बीच सम्मानित माने जाते थे। घटना की जानकारी मिलते ही तहसील परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंची।
सुबह कमरे से बाहर न आने पर हुआ शक
सहकर्मियों के अनुसार शुक्रवार सुबह नंदलाल रावत काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकले। सामान्य दिनों में वे सुबह जल्दी सक्रिय हो जाते थे, लेकिन इस दिन उनके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कर्मचारियों ने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद रोशनदान से झांककर देखा गया तो वे फर्श पर अचेत अवस्था में पड़े दिखाई दिए। यह दृश्य देखते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और तत्काल अधिकारियों को सूचना दी गई।
अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में तोड़ा गया दरवाजा
घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी शरद चौधरी, नायब तहसीलदार रौशन सिंह और उभांव पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी इंचार्ज सीयर मुकेश कुमार और एसआई सुमित त्रिपाठी ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां नंदलाल रावत अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद तुरंत चिकित्सकीय टीम को बुलाया गया।
चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
सीएचसी सीयर के चिकित्सक डॉ विक्रम सेन सोनकर और फार्मासिस्ट अनिल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद नंदलाल रावत को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की पुष्टि होते ही तहसील परिसर में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच गहरा दुख व्याप्त हो गया। लंबे समय से साथ काम कर रहे सहकर्मियों ने इसे प्रशासनिक परिवार के लिए बड़ी क्षति बताया।
तीन दशक तक निभाई सेवा की जिम्मेदारी
मूल रूप से बांसडीह निवासी नंदलाल रावत लगभग 30 वर्षों से तहसील परिसर में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत थे। सहकर्मियों का कहना है कि वे अपने काम के प्रति पूरी निष्ठा रखते थे और कभी किसी विवाद में नहीं रहे। उनकी कार्यशैली और व्यवहार के कारण अधिकारी और कर्मचारी दोनों उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते थे। अपने पीछे वे एक पुत्र सहित परिवार छोड़ गए हैं, जिनके प्रति सहकर्मियों ने संवेदना व्यक्त की है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसआई सुमित त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि नंदलाल रावत की तबीयत कुछ समय से खराब चल रही थी। यह भी बताया गया है कि गुरुवार शाम उन्हें उठाकर कमरे तक पहुंचाया गया था। पुलिस फिलहाल परिजनों के आने का इंतजार कर रही है और उनके पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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