तुलसी घाट पर दर्दनाक हादसा, गाजीपुर से बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आए युवक की गंगा में डूबने से मौत
वाराणसी: काशी की पावन धरती जहां हर दिन देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु आस्था और विश्वास के साथ पहुंचते हैं, वहीं मंगलवार की भोर तुलसी घाट पर घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा स्नान की श्रद्धा लेकर गाजीपुर से काशी पहुंचे एक 21 वर्षीय युवक की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब युवक स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमा को पार करते हुए गहरे पानी की ओर बढ़ गया और कुछ ही क्षणों में गंगा की धारा में समा गया। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई और देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बन गया।
मृतक की पहचान गाजीपुर जिले के रेवतीपुर निवासी तुषार राय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार तुषार अपने दोस्तों के साथ काशी भ्रमण और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी आया था। श्रद्धा से भरी यह यात्रा पहले गंगा स्नान और उसके बाद मंदिर दर्शन के कार्यक्रम के साथ शुरू हुई थी, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह यात्रा कुछ ही घंटों में दर्दनाक अंत तक पहुंच जाएगी।
भोर में पहुंचे थे तुलसी घाट, स्नान के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की भोर करीब तीन बजे तुषार अपने साथियों के साथ तुलसी घाट पहुंचा था। उस समय घाटों पर सामान्य गतिविधियां शुरू हो रही थीं। कुछ श्रद्धालु स्नान कर रहे थे और स्थानीय लोग भी घाट क्षेत्र में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तुषार स्नान के दौरान धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए सुरक्षा के लिए लगाई गई जेटी और बैरिकेडिंग के पार पहुंच गया। घाटों पर यह सुरक्षा व्यवस्था इसलिए की जाती है ताकि श्रद्धालु नदी के गहरे हिस्से में जाने से बच सकें।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आसपास मौजूद लोगों ने युवक को कई बार आवाज लगाकर वापस लौटने की सलाह दी। कुछ लोगों ने उसे चेतावनी भी दी कि आगे पानी गहरा हो सकता है, लेकिन वह लगातार आगे बढ़ता गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दिनों भीषण गर्मी के कारण गंगा का जलस्तर अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहा है, जिससे कई बार लोगों को गहराई का सही अनुमान नहीं हो पाता। संभव है कि तुषार भी इसी भ्रम का शिकार हो गया हो।
अचानक बिगड़ा संतुलन और गहरे पानी में समा गया युवक
घाट पर मौजूद लोगों के अनुसार शुरुआत में युवक सामान्य तरीके से पानी में आगे बढ़ रहा था, लेकिन कुछ ही दूरी पर पहुंचने के बाद वह अचानक ऐसे हिस्से में चला गया जहां गहराई अधिक थी। संतुलन बिगड़ते ही वह घबराने लगा और खुद को संभाल नहीं सका। कुछ ही पलों में वह पानी में डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले कि कोई उसे पकड़ पाता, वह गंगा की धारा में ओझल हो गया।
घटना होते ही घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और बचाव की कोशिशें शुरू कर दी गईं। कुछ लोग स्वयं भी नदी किनारे पहुंचकर युवक की तलाश में जुट गए।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और एनडीआरएफ टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बचाव दल ने बिना समय गंवाए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोरों और राहतकर्मियों ने लंबे समय तक गंगा में युवक की तलाश की। काफी मशक्कत के बाद तुषार का शव नदी से बाहर निकाला गया।
घटना की जानकारी मिलते ही उसके साथियों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। घाट पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। जो लोग कुछ देर पहले तक धार्मिक यात्रा की खुशियों में शामिल थे, उनके सामने अचानक दर्द और मातम का दृश्य खड़ा हो गया।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी बन रही हादसों की वजह
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता की आवश्यकता को सामने ला दिया है। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से निर्धारित सीमाओं के भीतर स्नान करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील करता है। घाटों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत भी लगाए जाते हैं ताकि लोग गहरे पानी में जाने से बच सकें।
वाराणसी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। तुलसी घाट की यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक ऐसी पीड़ा बनकर सामने आई है जिसने एक परिवार से उसका जवान बेटा छीन लिया। यह हादसा उन सभी लोगों के लिए एक गंभीर संदेश भी है जो आस्था के साथ गंगा स्नान करने आते हैं कि श्रद्धा के साथ सावधानी भी उतनी ही आवश्यक है।
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