रामपुर में एंटी करप्शन की कार्रवाई, शाहाबाद तहसील के लेखपाल 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल प्रेमशंकर तिवारी को कथित तौर पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब किसान हशमुद्दीन से जमीन संबंधी कार्य के बदले धनराशि ली जा रही थी। टीम की छापेमारी से तहसील परिसर में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया।
किसान की शिकायत पर बिछाया गया जाल
सूत्रों के अनुसार किसान हशमुद्दीन ने आरोप लगाया था कि जमीन से जुड़े एक प्रकरण में फाइल आगे बढ़ाने के लिए लेखपाल की ओर से 15 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। बिना धनराशि दिए कार्य न करने की बात कही जा रही थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन संगठन से की। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने योजना बनाकर ट्रैप की कार्रवाई की। तय समय और स्थान पर जैसे ही कथित रूप से रिश्वत की रकम ली गई, टीम ने मौके पर पहुंचकर लेखपाल को पकड़ लिया।
भागने की कोशिश, टीम ने पीछा कर दबोचा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्रवाई अचानक हुई। टीम को देखते ही लेखपाल ने मौके से भागने की कोशिश की। बताया जाता है कि जल्दबाजी में वह अपने जूते तक वहीं छोड़कर नंगे पैर भागने लगे, लेकिन एंटी करप्शन टीम ने पीछा कर कुछ ही दूरी पर उन्हें पकड़ लिया। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें टीम के सदस्य आरोपी को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिश्वत की रकम बरामद, मुकदमा दर्ज
एंटी करप्शन अधिकारियों के अनुसार मौके से कथित रिश्वत की रकम बरामद की गई है। धनराशि को विधिक प्रक्रिया के तहत सील कर पंचनामा तैयार किया गया। आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आवश्यक औपचारिकताओं और मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रकरण की विवेचना नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि
शाहाबाद तहसील क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई ग्रामीणों का कहना है कि छोटे किसानों को जमीन संबंधी कार्यों के लिए अक्सर बार बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कुछ लोगों ने उम्मीद जताई कि इस तरह की कार्रवाई से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी। वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी स्तर पर अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनसे किसी भी प्रकार की अवैध धनराशि की मांग की जाती है तो वे संबंधित एजेंसी को तत्काल सूचना दें। रामपुर में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
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