लोकसभा में सरकार का स्पष्टीकरण देश में एलपीजी पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं
नई दिल्ली: लोकसभा के भीतर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में रसोई गैस पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी नहीं है। हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर विभिन्न स्थानों पर चर्चा और आशंकाएं सामने आई थीं। इसी संदर्भ में लोकसभा में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि देश में एलपीजी सिलेंडर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और तेल विपणन कंपनियां नियमित रूप से इनकी आपूर्ति कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे देश में ऊर्जा वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि कहीं भी आपूर्ति बाधित न हो और लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
चालीस देशों से कच्चा तेल खरीद रहा भारत
लोकसभा में दिए गए अपने वक्तव्य में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैश्विक स्तर पर विविध स्रोतों से कच्चा तेल आयात करता है। वर्तमान समय में भारत लगभग चालीस देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है। इससे ऊर्जा आपूर्ति की श्रृंखला मजबूत बनी हुई है और किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो गई है। उन्होंने कहा कि आयात स्रोतों के इस विस्तार से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का प्रभाव घरेलू आपूर्ति पर कम पड़ता है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर जो आशंकाएं सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आ रही हैं वे निराधार हैं। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों में गैस वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है और तेल विपणन कंपनियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
ऊर्जा सुरक्षा नीति को किया गया मजबूत
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की ऊर्जा सुरक्षा नीति को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पहले जहां कच्चे तेल की आपूर्ति सीमित देशों से होती थी वहीं अब भारत ने अपने आयात स्रोतों का विस्तार किया है। इससे वैश्विक बाजार में होने वाले उतार चढ़ाव का असर घरेलू स्तर पर कम पड़ता है और आपूर्ति व्यवस्था स्थिर बनी रहती है।
रिफाइनरी और भंडारण क्षमता का विस्तार
सदन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि देश के रिफाइनरी नेटवर्क और भंडारण क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में दीर्घकालिक व्यवस्था विकसित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में भी देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि तेल विपणन कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है।
बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ बढ़ रही ऊर्जा की मांग
सरकार का कहना है कि भारत दुनिया के प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता देशों में से एक है और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ ऊर्जा की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयात स्रोतों के विविधीकरण रिफाइनरी क्षमता विस्तार और गैस वितरण नेटवर्क को मजबूत करने जैसे कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि विभिन्न देशों से कच्चा तेल आयात करने की नीति से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और संतुलित हुई है और यही वजह है कि वैश्विक बाजार में उतार चढ़ाव के बावजूद देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सामान्य बनी रहती है।
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