मंत्रालय के दावों पर सवाल: यूपी के कई जिलों में कमर्शियल गैस सिलिंडर आपूर्ति ठप, कालाबाजारी पर कार्रवाई तेज
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू होने के दावों के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों से इसके उलट तस्वीर सामने आ रही है। अलीगढ़, कानपुर, वाराणसी, बरेली समेत प्रदेश के अनेक जिलों में अभी तक कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, जिससे व्यापारियों और छोटे व्यवसायों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिलों में नहीं शुरू हो सकी आपूर्ति
मंत्रालय का कहना है कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बहाल हो चुकी है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। अलीगढ़ और हाथरस में अब तक आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। वहीं वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के किसी भी जिले में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति प्रारंभ नहीं हुई है।
कानपुर की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। जिले में लगभग 11 हजार कमर्शियल उपभोक्ता हैं, जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 1800 से 2000 सिलिंडरों की आपूर्ति होती थी, लेकिन वर्तमान में आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। इससे होटल, ढाबा और अन्य व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
घरेलू सिलिंडरों के दुरुपयोग पर सख्ती
कमर्शियल सिलिंडरों की कमी के चलते कई स्थानों पर घरेलू गैस सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग बढ़ गया है, जिस पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। गाजीपुर में आपूर्ति विभाग की सात टीमों ने गैस एजेंसियों, ढाबों और मिठाई की दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान तीन दुकानों पर 18 घरेलू सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जौनपुर में भी डीएसओ संतोष विक्रम शाही के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। गौराबादशाहपुर क्षेत्र में एक रेस्तरां से 53 कमर्शियल गैस सिलिंडर बरामद किए गए, जिनमें 16 भरे और 37 खाली थे। बरामद सिलिंडरों को शिवहरि भारत गैस एजेंसी को सुपुर्द कर दिया गया। वहीं बरसठी क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में घरेलू सिलिंडरों से कमर्शियल सिलिंडर में अवैध रिफिलिंग के मामले में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अन्य जिलों में भी स्थिति खराब
बरेली और मुरादाबाद मंडल के किसी भी जिले में अभी कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है। शाहजहांपुर में एक रेस्टोरेंट में घरेलू गैस सिलिंडर के उपयोग पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि मुरादाबाद में प्रिया जनरल स्टोर पर अवैध गैस रिफिलिंग का मामला सामने आया है, जिसमें मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
अंबेडकरनगर में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र में एक जनसेवा केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी के पास से 200 से अधिक उपभोक्ताओं की गैस पासबुक बरामद हुई हैं। जांच में पाया गया कि लगभग 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं के सिलिंडर बुक होने के बाद कालाबाजारी की जा रही थी।
घरेलू आपूर्ति भी प्रभावित
प्रयागराज में प्रतिदिन 22 से 25 हजार सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 25 से 30 हजार होती थी। यानी प्रतिदिन करीब पांच हजार सिलिंडरों की कमी बनी हुई है।
प्रतापगढ़ में भी स्थिति समान है, जहां रोजाना लगभग 11 हजार सिलिंडरों की आवश्यकता के मुकाबले केवल सात से आठ हजार सिलिंडर ही उपभोक्ताओं को मिल पा रहे हैं।
कौशांबी जिले में करीब 4.35 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। पहले जहां प्रतिदिन छह हजार सिलिंडरों की आपूर्ति होती थी, अब यह घटकर तीन हजार तक पहुंच गई है। इन जिलों में अब तक किसी बड़े स्तर की कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में देरी और घरेलू सिलिंडरों की कमी ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर व्यापारियों का काम प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी और अवैध उपयोग की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में आवश्यक है कि आपूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।
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