सरकार की सफाई: गैस कनेक्शन बंद नहीं होगा, e-KYC सिर्फ अधूरे रिकॉर्ड वालों के लिए अनिवार्य
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : घरेलू एलपीजी कनेक्शन को लेकर देशभर में फैली अफवाहों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट और आधिकारिक बयान जारी किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि किसी भी उपभोक्ता का गैस कनेक्शन केवल e-KYC न कराने की वजह से बंद नहीं किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, e-KYC की प्रक्रिया केवल उन ग्राहकों के लिए आवश्यक है जिनका रिकॉर्ड अभी तक पूरी तरह सत्यापित नहीं हुआ है या जिनकी जानकारी अधूरी है। इस स्पष्टीकरण के बाद उपभोक्ताओं के बीच बनी अनिश्चितता और घबराहट में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
किन उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है e-KYC
सरकार के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता ने पहले ही e-KYC प्रक्रिया पूरी कर ली है, तो उसे दोबारा यह प्रक्रिया करने की आवश्यकता नहीं है। सामान्य उपभोक्ताओं के लिए e-KYC अनिवार्य नहीं है, बशर्ते उनका रिकॉर्ड पहले से सत्यापित हो। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नियम अलग हैं। उन्हें हर वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार बायोमेट्रिक सत्यापन कराना जरूरी होता है, विशेष रूप से तब जब वे सब्सिडी वाले अतिरिक्त सिलेंडर का लाभ लेना चाहते हैं।
घर बैठे भी कर सकते हैं e-KYC
मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को सुविधा देते हुए बताया है कि e-KYC के लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस जैसी कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से यह प्रक्रिया घर बैठे पूरी की जा सकती है। इसके लिए उपभोक्ता के पास आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। आधार फेस आरडी ऐप के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जा सकता है और यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है।
फर्जी कनेक्शन और कालाबाजारी पर रोक मकसद
सरकार का कहना है कि e-KYC का मुख्य उद्देश्य एलपीजी वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। इससे फर्जी उपभोक्ताओं की पहचान कर उन्हें सिस्टम से हटाया जा सकेगा और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से चल रहे सत्यापन अभियान का ही हिस्सा है, जिसे अब अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
कानूनी स्थिति क्या कहती है
सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2018 के फैसले के अनुसार, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन केवल उन सेवाओं के लिए अनिवार्य किया जा सकता है जहां सरकार सब्सिडी प्रदान करती है। इसका मतलब यह है कि जो उपभोक्ता बाजार मूल्य पर गैस सिलेंडर लेते हैं और सब्सिडी का लाभ नहीं लेते, उनके लिए e-KYC कराना अनिवार्य नहीं है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए यह पूरी तरह वैकल्पिक प्रक्रिया है।
पहले भी फैल चुकी है ऐसी अफवाह
यह पहली बार नहीं है जब e-KYC को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हो। इससे पहले जुलाई 2024 में भी इसी तरह की अफवाहें सामने आई थीं, जब कुछ गैस एजेंसियों द्वारा e-KYC न कराने पर कनेक्शन बंद करने की चेतावनी दी गई थी। बाद में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने सूचना के अधिकार के तहत स्पष्ट किया था कि ऐसा कोई अनिवार्य निर्देश नहीं दिया गया है।
एलपीजी आपूर्ति पर वैश्विक संकट का असर
वर्तमान समय में एलपीजी आपूर्ति को लेकर जो स्थिति बनी हुई है, उसके पीछे वैश्विक कारण भी जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित हुआ है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। भारत अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरत इसी मार्ग से पूरी करता है। टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने से गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसके कारण कई स्थानों पर लंबी कतारें और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
बुकिंग नियमों में बार-बार बदलाव
एलपीजी की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने हाल के दिनों में बुकिंग नियमों में कई बदलाव किए हैं। 6 मार्च को घरेलू गैस रिफिल के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड तय किया गया था, जिसे 9 मार्च को शहरी क्षेत्रों के लिए बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। इसके बाद 12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई। इन बदलावों का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करना है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। जिन उपभोक्ताओं का e-KYC लंबित है, वे इसे जल्द पूरा कर लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क किया जा सकता है।
सरकार के इस स्पष्टिकरण के बाद उम्मीद की जा रही है कि एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच फैली भ्रम और घबराहट की स्थिति अब सामान्य हो जाएगी और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और स्थिरता बनी रहेगी।
LATEST NEWS