साहूपुरी में बंद पड़ी फैक्ट्री बना कोयला भंडारण का केंद्र बढ़ा हादसे और प्रदूषण का खतरा
संवाददाता अभिनव वर्मा की रिपोर्ट-
चंदौली:अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित साहूपुरी इलाके में वर्षों से बंद पड़ी हरी फर्टिलाइजर खाद फैक्ट्री इन दिनों एक नए संकट का केंद्र बनती जा रही है। करीब तीन दशक से निष्क्रिय पड़ी इस फैक्ट्री परिसर का उपयोग अब बड़े स्तर पर कोयला भंडारण के लिए किया जा रहा है जहां लाखों टन कोयले का स्टॉक जमा किया गया है। यह कोयला आसपास के जिलों के साथ अन्य शहरों में भी लगातार भेजा जा रहा है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
ओवरलोड ट्रकों से बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भारी ट्रक इस गोदाम से कोयला लादकर निकलते हैं। इनमें से कई ट्रक ओवरलोड होते हैं और बिना किसी निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के सड़कों पर चलते हैं। तेज रफ्तार और अनियंत्रित संचालन के कारण सड़क हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार ट्रकों के संचालन में यातायात नियमों का पालन लगभग नहीं के बराबर है जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
हालिया हादसे ने बढ़ाई चिंता
इस लापरवाही का एक दुखद उदाहरण करीब एक माह पहले सामने आया था जब साहूपुरी पड़ाव मार्ग पर कोयले से लदे एक ट्रक ने एक व्यक्ति को कुचल दिया था। इस घटना में भुजुआवा ग्राम सभा निवासी सोहनलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद कुछ समय तक स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो गई और ट्रकों का संचालन पहले की तरह जारी हो गया।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
कोयले के इस बड़े भंडारण का प्रभाव केवल सड़क सुरक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कोयले की धूल हवा में घुलकर आसपास के गांवों और बस्तियों तक पहुंच रही है जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत खांसी एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर अधिक गंभीर रूप से देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय हवा में धूल का स्तर इतना अधिक होता है कि सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों ने कई बार प्रशासन से इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग इस समस्या की अनदेखी कर रहे हैं जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में यह स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस प्रकार के अनियंत्रित कोयला भंडारण पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
हरी फर्टिलाइजर खाद फैक्ट्री लंबे समय से बंद पड़ी है और अब इसका उपयोग जिस तरह से किया जा रहा है वह स्थानीय व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े करता है। साहूपुरी का यह इलाका इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां लापरवाही और अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन की सक्रियता और जिम्मेदार कार्रवाई ही इस बढ़ते संकट को रोकने में निर्णायक साबित हो सकती है।
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